कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटरी में हुई संविधान के नायक की भव्य प्रस्तुति

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कार्यक्रम के दौरान मौजूद अतिथिगण
कार्यक्रम के दौरान मौजूद अतिथिगण

सफीदों, (एस• के• मित्तल) : चण्डीगढ़ में आयोजित कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटरी एसोसिएशन नॉर्थ ज़ोन सम्मेलन के दौरान रास कला मंच के कलाकारों ने संविधान के नायक की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। नाटक ने संविधान के मूल्यों, नागरिक कर्तव्यों और लोकतांत्रिक चेतना का सशक्त संदेश दिया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशीम कुमार घोष, पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण सहित 15 राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्ष एवं अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में नाटक की विशेष सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रस्तुतियां समाज में संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का कार्य करती हैं। नाटक की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के शब्द “हम भारत के लोग…” से हुई।

नाटक प्रस्तुत करते हुए कलाकार
नाटक प्रस्तुत करते हुए कलाकार

कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय के माध्यम से समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व जैसे संवैधानिक आदर्शों को प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया। साथ ही “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” जैसे भारतीय जीवन मूल्यों को संविधान की भावना से जोड़ते हुए मानवता, सह-अस्तित्व और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। नाटक के अंतिम दृश्य ने दर्शकों को भावुक और प्रेरित कर दिया। कलाकारों ने संदेश दिया कि संविधान केवल कानूनों का दस्तावेज नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा और प्रत्येक नागरिक के जीवन का मार्गदर्शक है। हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा ने इस भव्य प्रस्तुति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रास कला मंच ने अपनी प्रतिभा और उत्कृष्ट मंचन से पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। वहीं विधायक रामकुमार गौतम ने नाट्य दल की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि रास कला मंच ने अपने शानदार प्रदर्शन से हल्के का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। दोनों जनप्रतिनिधियों ने इच्छा व्यक्त की कि ‘संविधान के नायक’ जैसी प्रेरणादायी नाट्य प्रस्तुतियां प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आयोजित की जानी चाहिए, ताकि संविधान का संदेश जन-जन तक पहुंचे।