अन्य मूर्ति स्थापना को लेकर अग्रवाल समाज में रोष
विधायक रामकुमार गौतम व एसडीएम पुलकित मल्होत्रा को समाज सौंपेंगा ज्ञापन
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : नगर के महाराजा अग्रसैन चौक के समक्ष स्थित गोल चक्कर पर अन्य मूर्ति स्थापना को लेकर विवाद गहरा गया है। नगरपालिका द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य के विरोध में अग्रवाल समाज के लोगों ने एकजुट होकर मौके पर पहुंचकर कार्य रुकवा दिया। जानकारी के अनुसार, सफीदों के पुराने बस स्टैंड पर करीब 25 वर्ष पूर्व महाराजा अग्रसैन चौक का निर्माण किया गया था। यहां स्थापित महाराजा अग्रसैन की भव्य प्रतिमा लंबे समय से अग्रवाल समाज की आस्था, सम्मान और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक रही है। तभी से यह स्थान महाराजा अग्रसैन चौक के नाम से प्रसिद्ध है और शहर के प्रमुख स्थलों में इसकी विशेष पहचान है। पिछले कुछ दिनों से इस चौक के ठीक सामने स्थित गोल चक्कर पर निर्माण कार्य चल रहा था। प्रारंभ में अग्रवाल समाज को यह लगा कि यह सामान्य मरम्मत या सौंदर्यीकरण (रेनोवेशन) का कार्य है। हालांकि, बाद में सूचना मिली कि इस स्थान पर कोई अन्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है। यह खबर फैलते ही अग्रवाल समाज में रोष फैल गया। सूचना मिलते ही अग्रवाल समाज के बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का विरोध करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया। इस दौरान अग्रवाल समाज की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। समाज के लोगों ने नगरपालिका के खिलाफ रोष जाहिर करते हुए इस निर्णय को अनुचित और समाज की भावनाओं के विरुद्ध बताया। इस मौके पर श्री अग्रवाल धर्मशाला मैनेजिंग कमेटी के अध्यक्ष शिवचरण कंसल ने कहा कि नगरपालिका द्वारा यह कार्य पूरी तरह गलत है। उन्होंने बताया कि पालिका की ओर से पहले अग्रसैन चौक के रेनोवेशन का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन अब अचानक यहां किसी अन्य मूर्ति की स्थापना की बात सामने आ रही है, जो न केवल आश्चर्यजनक है बल्कि समाज के साथ अन्याय भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरपालिका द्वारा अग्रवाल समाज के खिलाफ एक तरह का प्रोपेगेंडा रचा जा रहा है। उनका कहना था कि यह निर्णय चौक की ऐतिहासिक और सामाजिक गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महाराजा अग्रसैन चौक वर्षों से सामाजिक समरसता, सहयोग और सेवा के मूल्यों का प्रतीक रहा है, ऐसे में इसके सामने किसी अन्य मूर्ति की स्थापना से इसकी पहचान प्रभावित होगी। अग्रवाल समाज के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि यदि इस प्रकार की मूर्ति स्थापना की जाती है, तो इससे समाज की धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत होंगी, जिससे व्यापक असंतोष फैल सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस निर्माण कार्य को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए और स्थिति को स्पष्ट किया जाए। समाज की ओर से यह भी सुझाव दिया गया कि उक्त स्थान पर महाराजा अग्रसैन के सिद्धांतों और उनके प्रसिद्ध संदेश एक रुपया-एक ईंट की भावना को दर्शाते हुए एक भव्य एवं सांस्कृतिक चौक का निर्माण किया जाए, जिससे समाज की पहचान और मजबूत हो सके। अग्रवाल समाज के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा समय रहते इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले किसी भी विवाद की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और शासन की होगी। समाज ने यह भी साफ किया कि इस मसले को लेकर वे सोमवार को विधायक रामकुमार गौतम व एसडीएम पुलकित मल्होत्रा से मिलेंगे और मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे।












