सफीदों, (एस• के• मित्तल) : गांव हाटहाट में दिनदिहाड़े हुई गोलीबारी युवक गुरुदत्त उर्फ कल्लू की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने 5 नामजद आरोपियों सहित एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस को दिए ब्यान में मृतक की बहन रेखा ने कहा कि उसके मृतक गुरुदत्त उर्फ कल्लू गांव में सींक चौक पर रेती-बजरी की दुकान चलाता था। उसकी माता धनपती का निधन 20 अप्रैल को हुआ था, जिसकी तिमाही के मौके पर 17 जुलाई को परिवार में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस मौके पर मृतक की बहन रेखा सहित अन्य रिश्तेदार भी गांव में मौजूद थे। सुबह हवनहवन आदि धार्मिक अनुष्ठान के बाद परिवारजन घर पर ही मौजूद थे। जबकि गुरुदत्त अपनी दुकान पर चला गया था। दुकान के पास ही पाथरी वाली माता का स्थान है, जहां गुरुदत्त और अन्य युवकों ने कुछ पौधे लगाए हुए थे। दोपहर करीब 2:30 बजे गुरुदत्त इन पौधों को देखने के लिए वहां गया था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार होकर चकरा उर्फ चक्रवर्ती और अंशुल निवासी सिटौंडी अपने एक अन्य साथी के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आते ही गुरुदत्त पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी। हमले के बाद गुरुदत्त अपनी जान बचाने के लिए माता स्थल से गांव की ओर गली की तरफ भागने लगा। इसी दौरान कृष्ण उर्फ सोनू भी उसके पीछे दौड़ता हुआ आया और उसे पकड़ने का प्रयास करते हुए धमकी दे रहा था कि आज किसी भी हालत में उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे। मृतक की बहन रेखा के अनुसार, उसने जोर-जोर से चिल्लाकर अपने भाई को बचाने की गुहार लगाई, लेकिन हमलावरों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। भागते हुए गुरुदत्त जैसे ही भीमा के मकान के गेट के अंदर घुसने लगा, हमलावरों ने उसे फिर से गोलियों से निशाना बना लिया। गंभीर रूप से घायल गुरुदत्त को पड़ोसी आशीष और साहिल ने तुरंत एक वाहनवाहन में डालकर सफीदों के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां से उसकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे पानीपत रेफर कर दिया। परिजन गुरुदत्त को लेकर पानीपत के अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की बहन रेखा ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि इस हत्या के पीछे पुरानी रंजिश मुख्य कारण है।
बहन रेखा ने बताया कि करीब डेढ़ माह पहले जब वह अपनी मां की मृत्यु के बाद घर पर रह रही थी, तब चन्द्रहांस और उसके पिता रामफल ने घर आकर धमकी दी थी कि गुरुदत्त को समझासमझा लो, वह उनके घर रुपये मांगने आता है। उन्होंने साफ कहा था कि वे कोई पैसा नहीं देंगे और अगर गुरुदत्त उनके घर आया तो उसे जान से मरवा देंगे। रेखा ने यह भी बताया कि 15 जुलाई की शाम को चक्रवर्ती अपने दो साथियों के साथ उनके घर आया था और खुलेआम धमकी देकर गया था कि जल्द ही उसके भाई को गोली मार दी जाएगी। परिजनों का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते सुनियोजित तरीके से इस हत्या को अंजाम दिया गया।
सदर थाना प्रभारी राजेश कुमार के अनुसार पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चकरा उर्फ चक्रवर्ती, अंशुल निवासी सिटौंडी, कृष्ण उर्फ सोनू निवासी हाट, चन्द्रहांस और रामफल सहितसहित एक अन्य के खिलाफ हत्या और आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।












