बोले : 15 जून से 14 जुलाई तक घर-घर जाकर किया जाएगा विशेष गहन पुनरीक्षण
एसडीएम ने की राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और अद्यतन होना बेहद आवश्यक है। इसी दिशा में प्रशासन ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को नगर के मिनी सचिवालय में एसडीएम पुलकित मल्होत्रा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य अत्यंत संवेदनशील और जिम्मेदारी भरा है, इसलिए इसे पूरी पारदर्शिता और गंभीरता के साथ संपन्न किया जाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है और इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। एसडीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी तक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-2) नियुक्त नहीं किए गए हैं, वहां शीघ्र नियुक्ति सुनिश्चित की जाए और उनकी सूची कार्यालय में उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि बीएलए-2 की सक्रिय भागीदारी से मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाया जा सकता है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक सभी बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने तथा आवश्यक संशोधन कार्य किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे किए जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए एसडीएम ने चौकीदारों के माध्यम से मुनादी कराने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान की जानकारी मिल सके और वे इसमें भागीदारी निभा सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल होना चाहिए, ताकि वह अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने कार्यक्रम की विस्तृत समय-सारिणी की जानकारी देते हुए बताया कि 15 जून से 14 जुलाई तक गणना अवधि चलेगी। इस दौरान मतदान केंद्रों का युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्थित करने का कार्य भी किया जाएगा। 21 जुलाई को प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन किया जाएगा, जिसके बाद 21 जुलाई से 20 अगस्त तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। उन्होंने बताया कि 21 जुलाई से 18 सितंबर तक दावों और आपत्तियों की सुनवाई, सत्यापन और निस्तारण की प्रक्रिया चलेगी। इसके बाद 22 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी। एसडीएम ने नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और यदि किसी प्रकार की समस्या या जानकारी की आवश्यकता हो तो निर्वाचन आयोग के टोल फ्री नंबर 1950 पर सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। बैठक में चुनाव कानूनगो नरेश कुमार, उमेद सिंह, सतीश कुमार, स्नेहा और मनीष कुमार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
ये पहचान पत्र होंगे मान्य
एसडीएम पुलकित मल्होत्रा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आधार कार्ड, केंद्र एवं राज्य सरकार या सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों और पेंशनधारियों के पहचान पत्र तथा पीपीओ नंबर मान्य होंगे। इसके अलावा 1 जुलाई 1987 से पहले जारी सरकारी या सार्वजनिक संस्थानों के पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकारी प्रमाण पत्र, ओबीसी/एससी/एसटी जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर तथा सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र भी पहचान के रूप में मान्य होंगे।












