जल संकट से जल्द उभरेगा महाभारतकालीन नागक्षेत्र तीर्थ 

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नहर में पानी का लेवल चेक करते हुए नहरी विभाग की टीम
नहर में पानी का लेवल चेक करते हुए नहरी विभाग की टीम

नहरी विभाग के अधिकारियों ने किया मौके का दौरा 

नहर की बंद पड़ी मोरी को किया जाएगा चौड़ा 

सफीदों, (एस• के• मित्तल) : जल संकट से जूझ रहे नगर के महाभारतकालीन और ऐतिहासिक नागक्षेत्र सरोवर के अब इस संकट से उबरने की उम्मीदें एक बार फिर जाग उठी हैं। नहरी विभाग द्वारा किए गए ताजा निरीक्षण और अधिकारियों के शआश्वासन ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नई उम्मीद पैदा की है। दरअसल, नगर के इस प्राचीन सरोवर में पानी की आपूर्ति लंबे समय से बाधित है। शुक्रवार को नहरी विभाग के जूनियर इंजीनियर ललित कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नहर में उतरकर जल स्तर का मुआयना किया और समस्या की जड़ तक पहुंचने का प्रयास किया। इस दौरान समाजसेवी संजीव गौतम, प्रमोद कौशिक, विनोद मिश्रा, भजन सैनी, कृष्ण वत्स, योगेश गर्ग और दिनेश शर्मा सहित कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। समाजसेवी संजीव गौतम ने अधिकारियों को बताया कि नागक्षेत्र सरोवर में पानी की आपूर्ति शहर के बीच से गुजरने वाली हांसी ब्रांच नहर के माध्यम से होती थी। लेकिन जब इस नहर पर घोड़ापूली वाला पुल बनाया गया, तभी से सरोवर तक पानी पहुंचाने वाली मोरी को बंद कर दिया गया। यही कारण है कि पिछले करीब डेढ़ साल से सरोवर में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच पाई। इसका सीधा असर सरोवर के जल स्तर पर पड़ा। पानी की कमी और ठहराव के कारण हाल ही में सरोवर में हजारों मछलियों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र के लोगों को झकझोर कर रख दिया।

नहर में पानी का लेवल चेक करते हुए नहरी विभाग की टीम
नहर में पानी का लेवल चेक करते हुए नहरी विभाग की टीम

गौरतलब है कि इस मुद्दे को लेकर श्री नागक्षेत्र मंदिर सुधार समिति और अखिल भारतीय ब्राह्मण संसद के पदाधिकारियों ने विधायक रामकुमार गौतम को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में उन्होंने सरोवर की गंभीर स्थिति और उसकी ऐतिहासिक व धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए जल्द समाधान की मांग की थी। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि नागक्षेत्र तीर्थ न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह सफीदों की पहचान का अहम हिस्सा भी है। लगभग 5000 वर्ष पुराने इस स्थल का संबंध महाभारत काल से माना जाता है और यहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। विधायक रामकुमार गौतम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उनके निर्देशों के बाद ही नहरी विभाग हरकत में आया और मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद जेई ललित कुमार ने बताया कि सरोवर को जोड़ने वाली नहर की मोरी को ठीक करने के लिए एक नया एस्टीमेट तैयार करके सरकार को भेजा जाएगा। एस्टीमेट पास होते ही भूमिगत नाले को नई और चौड़ी मोरी बनाकर जोड़ा जाएगा, ताकि पानी की आपूर्ति फिर से शुरू हो सके और भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न आए। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि यह कार्य जल्द शुरू किया जाएगा और सरोवर में पानी की आपूर्ति को बहाल किया जाएगा।