जैन संस्कार शिविर का हुआ समापन, बच्चों में संस्कार और नैतिकता की ज्योति जगाई 

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समापन सत्र में भाग लेते हुए बच्चे
समापन सत्र में भाग लेते हुए बच्चे

सफीदों, (एस• के• मित्तल) : श्री एस.एस. जैन सभा, सफीदों मंडी के तत्वावधान में आयोजित ग्रीष्मकालीन जैन संस्कार शिविर का बुधवार को भव्य समापन हुआ। पूज्य संयम प्रभा कमल महाराज की सुशिष्या रत्न पूज्य ज्योति प्रभा महाराज (ठाणे–3) के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में बच्चों को धर्म, संस्कार और नैतिक मूल्यों की गहन शिक्षा प्रदान की गई। शिविर के दौरान बच्चों को जैन धर्म के सिद्धांतों, अहिंसा, सत्य, संयम और सदाचार के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। शिविर की विशेष बात यह रही कि शइसमें बच्चों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक जीवन में संस्कारों को अपनाने की प्रेरणा भी दी गई। बच्चों ने भजन, प्रार्थना, श्लोक, धार्मिक कथाओं और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर प्राप्त किया। इससे उनके अंदर आत्मविश्वास और अनुशासन की भावना विकसित हुई। इस शिविर में पांच श्राविकाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई और बच्चों को शिक्षित किया। इनमें सरोज जैन का योगदान विशेष रूप से सराहनीय रहा, जिन्होंने बच्चों को सरल और रोचक तरीके से धार्मिक शिक्षा दी। शिविर के दौरान प्रतिदिन प्रभावनाओं का वितरण भी किया गया, जिससे बच्चों में धार्मिक भावना के साथ-साथ सेवा और सहयोग की भावना भी विकसित हुई। श्री एस.एस. जैन सभा के प्रधान संदीप जैन ने बताया कि पूज्य महाराज साहब की प्रेरणा से आयोजित यह शिविर बच्चों के लिए ज्ञान और संस्कारों का अमूल्य संगम रहा। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में जहां बच्चे तकनीक की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, ऐसे में इस प्रकार के शिविर उन्हें अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।