सीबीएसई की एआई कार्यशाला हुई सम्पन्न, शिक्षकों ने प्रस्तुत किए शोध पत्र

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एआई कार्यशाला में शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित करते हुए अतिथि
एआई कार्यशाला में शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित करते हुए अतिथि

तीन श्रेष्ठ प्रतिभागी सम्मानित

सफीदों, (एस• के• मित्तल) : शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बढ़ती कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका को समझने और शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से बीएसएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल रामपुरा में शनिवार को सीबीएसई द्वारा आयोजित कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय “कृत्रिम बुद्धिमत्ता का वास्तविक जीवन में महत्व” रहा। जिसमें विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर एआई के शैक्षिक एवं व्यावहारिक उपयोगों पर गहन चर्चा की। कार्यशाला का संचालन सीबीएसई के प्रशिक्षक एवं रिसोर्स पर्सन परविंदर मलिक ने किया। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक अरूण खर्ब, अनिल खर्ब, प्राचार्य सतेंद्र गौत्तम, इंचार्ज डॉ मोनिका खर्ब, विक्रम कुंडू विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यशाला के दौरान विभिन्न समूह गतिविधियों, विचार-विमर्श सत्रों एवं प्रस्तुतीकरणों का आयोजन किया गया। जिसमें शिक्षकों ने एआई के वास्तविक जीवन में उपयोग तथा शिक्षा में इसके प्रभाव पर अपने विचार साझा किए। कार्यशाला का मुख्य आकर्षण शोध पत्र प्रस्तुति सत्र रहा। प्रतिभागी शिक्षकों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। शिक्षकों ने बताया कि किस प्रकार एआई विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बढ़ाने, उनकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण उपलब्ध कराने तथा शिक्षण प्रक्रिया को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध हो सकती है। प्रतियोगिता में प्रस्तुत शोध पत्रों में से तीन सर्वश्रेष्ठ शोध पत्रों का चयन कर संबंधित शिक्षकों को सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में प्रशिक्षक परविंद्र मलिक ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल तकनीक का विषय नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि और दैनिक जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में परिवर्तन का माध्यम बन चुकी है। उन्होंने शिक्षकों को एआई आधारित शिक्षण पद्धतियों, डिजिटल टूल्स, चैटबॉट्स, डेटा विश्लेषण तथा व्यक्तिगत शिक्षण जैसी आधुनिक अवधारणाओं से अवगत कराया।