गांव सिंघपुरा के पास फिर टूटा राजबाहा नंबर 3

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राजबाहे के टूटे किनारे को ठीक करती हुई मशीन
राजबाहे के टूटे किनारे को ठीक करती हुई मशीन

सैंकड़ों एकड़ जमीन जलमग्न, किसानों में भारी रोष

सफीदों, (एस• के• मित्तल) : उपमंडल के गांव बहादुरपुर-सिंहपुरा के बीच से गुजरने वाला राजबाहा नंबर-3 एक बार फिर टूट जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। देर रात हुए इस हादसे के कारण आसपास की सैंकड़ों एकड़ कृषि भूमि शजलमग्न हो गई। बार-बार हो रही इस घटना ने सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार देर रात गांव के एक व्यक्ति को राजबाहे की दिशा से तेज पानी के बहाव की आवाज सुनाई दी। संदेह होने पर जब वह मौके पर पहुंचा तो देखा कि राजबाहा टूट चुका है और तेज़ी से पानी खेतों की ओर बह रहा है। उसने तुरंत गांव के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए और स्थिति को संभालने का प्रयास करने लगे। ग्रामीणों ने तुरंत नहरी विभाग को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही विभाग ने राजबाहे के पीछे से पानी की सप्लाई बंद करवाई। पानी का तेज बहाव गांव सिंघपुरा तक पहुंच चुका था और आसपास के खेत पूरी तरह पानी में डूब चुके थे। कई किसानों ने बताया कि उनकी जमीनें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। बुधवार सुबह सिंचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। विभाग ने मशीनों की मदद से टूटे हुए हिस्से को मिट्टी से भरकर अस्थायी रूप से बंद करने का कार्य शुरू किया। इसके साथ ही मिट्टी से भरे कट्टों का उपयोग कर अस्थायी बांध भी बनाया गया, ताकि आगे पानी का रिसाव रोका जा सके। गौरतलब है कि इससे पहले 25 मई को भी इसी स्थान के आसपास राजबाहा टूट गया था, जिससे क्षेत्र में व्यापक जलभराव हो गया था। उस समय भी किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। लगातार दूसरी बार हुई इस घटना ने किसानों में रोष पैदा कर दिया है। उनका कहना है कि विभाग द्वारा समय रहते उचित मरम्मत कार्य नहीं किया गया, जिसके चलते यह समस्या दोबारा उत्पन्न हुई। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि राजबाहों और नहरों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से उन स्थानों पर ध्यान दिया जाए जहां दीवारों में दरारें या बिल बने हुए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही स्थायी मरम्मत कार्य भी शुरू किया जाएगा। राजबाहे की मजबूती के लिए जल्द ही पुख्ता कदम उठाए जाएंगे और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विशेष योजना बनाई जाएगी।