गांव, परिवार व पत्रकारों में शोक की लहर
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : सफीदों क्षेत्र के गांव बहादुरगढ़ से एक बेहद दुखद और दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां खेत में काम करने गए एक पत्रकार की करंट लगने से मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल पत्रकारिता जगत को स्तब्ध कर दिया, बल्कि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, गांव बहादुरगढ़ निवासी 33 वर्षीय विक्रम पुत्र सूबे सिंह पत्रकारिता के साथ-साथ खेती-बाड़ी का भी कार्य करता था। मिली जानकारी के अनुसार विक्रम बीती रात अपने खेत में काम करने के लिए गया हुआ था। इसी दौरान खेत में लगे ट्यूबवेल से अचानक करंट प्रवाहित हो गया, जिसकी चपेट में आने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में मातम छा गया। ग्रामीणों ने तुरंत इस घटना की सूचना सदर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद शव को अपने कब्जे में लेकर शहर के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। मंगलवार दोपहर को गांव बहादुरगढ़ में विक्रम का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ-साथ पत्रकारिता, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोग भी मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। गौरतलब है कि विक्रम पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हुआ था। उसने समाज के विभिन्न मुद्दों को उठाकर एक अलग पहचान बनाई थी। उसकी लेखनी में सच्चाई और जनहित की झलक देखने को मिलती थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में गहरा शोक व्याप्त है। हर कोई विक्रम के मिलनसार स्वभाव और उसके कार्यों को याद कर रहा है। मृतक विक्रम अपने पीछे वृद्ध माता-पिता, पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। परिवार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बच्चों के पालन-पोषण और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि इस कठिन समय में उन्हें सहारा मिल सके। इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन ली हैं। विक्रम की कमी न केवल उसके परिवार, बल्कि पूरे समाज को लंबे समय तक खलती रहेगी।












