श्रावण माह देता है भक्ति, सेवा और संयम का संदेश : अरविंद शर्मा

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विश्व हिंदू परिषद के जिला सलाहाकार अरविंद शर्मा
विश्व हिंदू परिषद के जिला सलाहाकार अरविंद शर्मा

सफीदों, (एस• के• मित्तल) : श्रावण माह को आध्यात्मिक साधना और भक्ति का सबसे पवित्र समय बताते हुए विश्व हिंदू परिषद के जिला सलाहाकार अरविंद शर्मा ने श्रद्धालुओं से संयमित और सात्विक जीवन शैली अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यह महीना भगवान शिव की आराधना के साथ-साथ आत्मशुद्धि और सामाजिक सेवा का भी महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने बताया कि श्रावण मास में लाखों शिवभक्त गंगाजी से जल भरकर कांवड़ यात्रा करते हैं और उसे पूर्ण श्रद्धा के साथ भगवान भोलेनाथ को अर्पित करते हैं। यह यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि त्याग, तपस्या और अनुशासन का भी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों के साथ-साथ उनकी सेवा में लगे लोग, जैसे भंडारे चलाने वाले, चिकित्सा सेवा देने वाले और विश्राम स्थल उपलब्ध कराने वाले भी इस पुण्य कार्य के समान भागीदार हैं। अरविंद शर्मा ने कहा कि इस दौरान धार्मिक वातावरण की पवित्रता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे डीजे पर अश्लील और असांस्कृतिक गीतों से बचें और मर्यादित आचरण अपनाएं। साथ ही, उन्होंने लोगों को असामाजिक तत्वों से सतर्क रहने की भी सलाह दी। उन्होंने आगे कहा कि श्रावण मास में धूम्रपान, मांसाहार और मदिरा जैसी तामसिक प्रवृत्तियों से दूर रहना चाहिए तथा क्रोध और विवाद से बचते हुए प्रेम, सहयोग और सेवा की भावना को अपनाना चाहिए। गौसेवा, मंदिरों की स्वच्छता और जरूरतमंदों की मदद जैसे कार्य इस पवित्र माह को और अधिक सार्थक बनाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे इस पावन श्रावण माह को अनुशासन, भक्ति और सेवा के साथ मनाएं, ताकि समाज में सकारात्मकता और सद्भाव का वातावरण बने।