गौसेवा आयोग चेयरमैन श्रवण गर्ग ने किया दौरा
राहत और बचाव कार्य में दमकल जुटी

गौशाला समिति के प्रधान शिवचरण कंसल ने चेयरमैन को बताया कि जिस दिन तेज तूफान आया था, उसी दौरान गौशाला के पीछे से गुजर रही बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट हुआ और उसकी चिंगारी तूड़े के गोदाम में जा गिरी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। एक मजदूर ने धुआं उठता देखा और तुरंत उन्हें सूचना दी, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे। आग की भयावहता को देखते हुए तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी गई, जिसके बाद सफीदों, असंध, जींद सहित आसपास के कई क्षेत्रों से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद एक समय आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन रात के समय फिर से गोदाम के भीतर शसुलगती आग ने जोर पकड़ लिया। इसके चलते दमकल विभाग को दोबारा बुलाना पड़ा और पूरी रात राहत कार्य जारी रहा। फिलहाल गोदाम में भरे तूड़े को बाहर निकलवाया जा रहा है ताकि आग को पूरी तरह खत्म किया जा सके और अन्य गोदामों को सुरक्षित रखा जा सके। इस अग्निकांड में गौशाला को लगभग 40 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। गोदाम में रखा करीब 5000 क्विंटल तूड़ा या तो पूरी तरह जलकर राख हो गया या फिर पानी के कारण खराब हो गया है। आग बुझाने के दौरान गोदाम के ऊपर हाल ही में लगाया गया शेड भी तोड़ना पड़ा, जिससे नुकसान और बढ़ गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते गौशाला में मौजूद सभी गौवंश को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया, जिससे किसी भी पशु की जान नहीं गई। गौशाला समिति ने सरकार और प्रशासन से आर्थिक सहायता और उचित मुआवजे की मांग की है। चेयरमैन श्रवण गर्ग ने घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक बड़ी क्षति है, लेकिन सौभाग्य से कोई जनहानि या गौवंश की हानि नहीं हुई। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार की ओर से गौशाला को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। फिलहाल दमकल विभाग की टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं और आग को पूरी तरह बुझाने के प्रयास लगातार जारी हैं। वहीं गौशाला समिति द्वारा गोदाम से तूड़ा निकलवाने का कार्य लगातार जारी है।












