ब्रहमदत्त धर्मशाला में जुटे हजारों किसान व महिलाएं, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन; सीबीआई जांच और नार्को टेस्ट की उठाई मांग
बहल, (20 मई) किसान नेता रवि आजाद की रिहाई की मांग को लेकर मंगलवार को बहल में आयोजित महापंचायत और रोष मार्च में जनसैलाब उमड़ पड़ा। पिछले पांच महीनों से जेल में बंद किसान नेता रवि आजाद के समर्थन में उनकी पत्नी मंजू आजाद की भावुक अपील पर ब्रहमदत्त धर्मशाला में विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें बहल सहित आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों किसान, महिलाएं, युवा और आम नागरिक शामिल हुए। सभा में मौजूद लोगों ने एक सुर में सरकार से रवि आजाद को तुरंत रिहा करने की मांग उठाई।
सुबह से ही ब्रहमदत्त धर्मशाला में लोगों का जुटना शुरू हो गया था। देखते ही देखते पूरा परिसर किसानों और महिलाओं की भारी भीड़ से भर गया। सभा को करीब दो दर्जन किसान नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि रवि आजाद को जेल में रखकर किसानों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जल्द रिहाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।
महापंचायत में महिलाओं की भागीदारी विशेष चर्चा का विषय रही। सैकड़ों महिलाओं ने मंच से लेकर रोष मार्च तक सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराते हुए कहा कि यह लड़ाई अब हर किसान परिवार और आम नागरिक की लड़ाई बन चुकी है।
सभा के बाद हजारों लोगों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर बहल की मुख्य सड़कों पर शांतिपूर्ण पैदल रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और रवि आजाद की रिहाई की मांग दोहराई। मार्च को देखते हुए प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।
रोष मार्च के बाद प्रदर्शनकारी तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने महामहिम राज्यपाल और सरकार के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि रवि आजाद से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जाए ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों और पक्षों का नार्को टेस्ट कराने की भी मांग उठाई गई, जिससे कथित राजनीतिक साजिश की जांच हो सके।
इस दौरान मंजू आजाद ने भावुक संबोधन में समाज के हर वर्ग से समर्थन की अपील करते हुए कहा कि जब तक रवि आजाद को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने महापंचायत में पहुंचे किसानों, महिलाओं और युवाओं का आभार जताया।
सभा में विकास सीसर, कुलदीप ढांडा, ताई सुदेश कंडेला, गुरनाम सहारण कैथल, भारतीय किसान यूनियन कैथल व सिरसा की टीम, आदमपुर से किसान प्रतिनिधि सहित कई सामाजिक और किसान नेता मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि बहल के बाद अब लोहारू में भी बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी।












