सफीदों, (एस• के• मित्तल) : विश्व हिंदू परिषद के जिला सलाहाकार अरविंद शर्मा ने कहा कि बजरंग दल एक गैर-राजनीतिक, धार्मिक और राष्ट्रवादी संगठन है, जिसका उद्देश्य समाज में सेवा, सुरक्षा और संस्कारों को बढ़ावा देना है। अरविंद शर्मा ने बताया कि बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद की युवा शाखा है, जिसकी स्थापना अक्टूबर 1984 में देश के प्रमुख धर्मगुरुओं और संतों के मार्गदर्शन में की गई थी। संगठन का नाम भगवान बजरंगबली के नाम पर रखा गया है, जो शक्ति, भक्ति और सेवा के प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि बजरंग दल की विचारधारा हिंदुत्व पर आधारित है, जो राष्ट्र निर्माण और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता देती है। संगठन का मुख्य उद्देश्य गौरक्षा, राष्ट्र रक्षा, स्त्री सुरक्षा, धर्म रक्षा, सेवा कार्यों को बढ़ावा देना और भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों की रक्षा करना है। इसके साथ ही संगठन धर्मांतरण और गौ हत्या का विरोध करता है। शर्मा ने यह भी कहा कि बजरंग दल द्वारा किए जाने वाले सभी कार्य लोकतांत्रिक मूल्यों और देशहित को ध्यान में रखते हुए किए जाते हैं। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संगठन का किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है और यह पूरी तरह से सामाजिक व धार्मिक कार्यों में ही सक्रिय रहता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बजरंग दल समाज में अहिंसा, प्रेम और सौहार्द का संदेश देता है तथा सामाजिक एकता और विकास में विश्वास रखता है। संगठन के कार्यकर्ता समाज के हर वर्ग के बीच जाकर सेवा कार्यों में योगदान देते हैं और जरूरतमंदों की मदद करते है।












