जजपा जिला प्रधान विजय सिंह गोठड़ा।
हरियाणा में एक तरफ जहां सरपंच सड़कों पर बैठकर ई-टेंडरिंग का विरोध जता रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ सरकार उनकी मांग मानने को तैयार नहीं है। अब सरकार की सहयोगी जननायक जनता पार्टी भी सरपंचों की मांग को जायज ठहराते हुए उनके समर्थन में आ गई है। जजपा ने सरपंचों की मांग पूरी करने के लिए मुख्यमंत्री के नाम भिवानी उपायुक्त को पत्र सौंपा है।
जजपा जिला प्रधान विजय सिंह गोठड़ा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने सोच-समझकर सही तरीके से ई-टेंडरिंग लागू की थी, जिसका भविष्य में काफी लाभ मिलेगा, लेकिन इसमें कई बातों का सही तरीके से ध्यान नहीं रखा गया। इसके अलावा सरपंचों को दी जाने वाली 2 लाख रुपए की राशि में भी सरकार को बढ़ोतरी करनी चाहिए।
भिवानी-चरखी दादरी की धान बेल्ट सेमग्रस्त
जजपा जिला प्रधान विजय सिंह गोठड़ा ने कहा कि भिवानी व चरखी दादरी जिलों की धान बेल्ट पूरी तरह से सेमग्रस्त है। बारिश के समय में पूरे के पूरे गांव पानी में डूब जाते हैं। उन्होंने कहा कि गांव से पानी निकालने की जिम्मेदारी पंचायत की होती है। ई-टेंडरिंग के तहत कार्य करने की प्रक्रिया तकरीबन डेढ़ माह तक की होती है।
यदि उस समय सरपंच प्रस्ताव करेगा तथा ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया के तहत कार्य करेगा तो डेढ़ माह तक पानी निकासी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी। ऐसे में जजपा की मांग है कि ई-टेंडरिंग प्रणाली में बदलाव कर तुरंत प्रभाव के कार्यों का वर्गीकरण किया जाए। तथा ऐसे कार्यों को तुरंत प्रभाव से करने के लिए पंचायत को शक्तियां प्रदान की जाएं।
निर्धारित 2 लाख राशि में की जाए बढ़ोतरी
इसके अलावा सरपंचों के लिए निर्धारित की गई 2 लाख रुपए की राशि कम है, क्योंकि गांव में छोटे-मोटे बहुत से कार्य होते हैं। जिनके लिए सिर्फ 2 लाख की राशि वाजिब नहीं है। ऐसे में सरकार को इस राशि में जनसंख्या के हिसाब से बढ़ोतरी करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।