चैंपियानशिप के दूसरे राउंड में विजय होने पर गन दिखाता शूटर अनीश।
हरियाणा के जिले करनाल का गोल्डन ब्वॉय शूटर अनीश भनवाला एक बार फिर भोपल में चल रही नेशनल शूटिंग चैंपियशनशिप के दूसारे राउंड में नेशनल रिकार्ड बनाया है। वीरवार शाम को भोपाल में आयोजित 65वीं नेशनल शूटिंग प्रतियोगिता में 25 मीटर फायर पिस्टल के दूसरे राउंड का आयोजन किया गया। जिसमें अनीश ने एक बार अपने ही पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया। दूसरे राउंड में अनीश ने 590/600 का स्कोर रखकर दूसरी बार अपने ही रिकॉर्ड को चेज किया। बता दे कि इससे पहले भी 2019 में न्यू दिल्ली में आयोजित ISSF चैंपियनशिप में 588/600 स्कोर बना कर नेशनल रिकॉर्ड बनाया था। वीरवार को भी अनीश ने यह रिकॉर्ड बनाकर एक बार फिर नेशनल रिकॉर्ड बनाया है। आज 25 मीटर फायर पिस्टल चैंपियनशिप में फाइनल मुकाबला होगा। इस चैंपियनशिप में भी प्रदेश को उम्मीद है कि अनीश ही गोल्ड मेडल पर कब्जा करेगा।

शूटर अनीश भनवाला की फाइल फोटो।
देश के 170 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया
बता दें कि बीती 20 नवंबर से अनीश इस चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए गए। शेड्यूल के अनुसार पांच दिसंबर की शाम 8 बजे 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल का पहला राउंड करवाया गया था। पहले राउंड में देश भर के 170 खिलाड़ियों को पछाड कर अनीश ने पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं 8 दिसंबर की देर शाम को हुए दूसरे रांउड में भी अनीश ने अपने ही नेशनल रिकॉर्ड को चेज किया और दूसरे राउंड में पहले स्थान पर रहे।
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गोल्ड जीतने का रहता है लक्ष्य
शूटर अनीश भनवाला के पिता जगपाल के अनुसार राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों में अनीश का केवल और केवल गोल्ड जीतने का लक्ष्य रहता है। इससे पहले 18 मई 2022 में जूनियर विश्व कप के दौरान अनीश ने भारत के नाम गोल्ड जीत कर हरियाणा की शान बढ़ाई थी।जर्मनी के सुहल में 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल से टीम इवेंट में गोल्ड और मिक्स टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। वहीं जूनियर विश्व कप में जीत से पहले 25 फरवरी 2022 को अनीश ने मिस्र के कोहिरा में इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स विश्व चैंपियनशिप के मुकाबलों में टीम और मिक्स इवेंट में गोल्ड जीता था। अक्टूबर 2021 में ISSF जूनियर विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं।

शूटर अनीश भनवाला।
बच्चों को शूटिंग में कामयाब बनाने के लिए पिता ने छोड़ी वकालत
बता दें कि अनीश का जन्म 26 सितंबर 2002 को सोनीपत के गांव भनवाला में हुआ था। उसके पिता जगपाल सिंह पेशे से वकील थे। बाद में उनके पिता अपने परिवार को लेकर करनाल के कर्ण विहार में रहने लगे। पिता ने अपने बेटे को शूटिंग में कामयाब बनाने के लिए वकालत तक छोड़ दी। उसके बाद जगमाल अपने बेटे अनीश व बेटी मुस्कान को शूटिंग में कामयाब करने में लग गए। मुस्कान ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीते हैं।
8 साल की उम्र से शूटिंग सीखना किया था शुरू
भीम अवार्डी एवं गोल्डन ब्वॉय अनीश भनवाला ने 8 साल की उम्र में शूटिंग सीखना शुरू की थी और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 15 वर्ष की उम्र में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने के बाद वह सुर्खियों में आए। उन्होंने ISSF जूनियर विश्व चैम्पियनशिप-2017 सुहल में दो स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य जीता। इसी वर्ष अगस्त माह में सुहलर कप शूटिंग प्रतियोगिता में दो कांस्य पदक जीते।

चैंपियानशिप निशाना लगता अनीश।
नेशनल रिकॉर्ड बनाकर बजाया काबिलियत का डंका
25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल इवेंट में अनीश ने 599/600 स्कोर करके एक बार फिर नेशनल रिकॉर्ड बनाकर काबिलियत का डंका बजाया। साथ ही राष्ट्रमंडल खेल-2018 में 15 साल की उम्र में अनीश भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर सबसे कम उम्र के भारतीय मेडल विजेता बन गए। अनीश ISSF विश्व चैंपियनशिप-2018 सिडनी में आयोजित 25 मीटर जूनियर रैपिड शूटिंग में भी गोल्ड मेडल हासिल कर चुके हैं।
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