हरियाणा के इंडस्ट्रियल सेक्टरों में बढ़ती दिक्कतों को देखते हुए CM मनोहर लाल ने बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि अब सेक्टरों की देखरेख एक ही एजेंसी करेगी। इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने के अधिकारियों को निर्देश मुख्यमंत्री ने दे दिए हैं। अभी HSVP और एचएसआईआईडीसी दोनों एजेंसियां सेक्टरों की देखरेख का जिम्मा संभाले हुए हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने फरीदाबाद में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह फैसला किया।
फरीदाबाद में मीटिंग में लोगों की समस्याओं को सुनते मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
इस कारण से लेना पड़ा फैसला
फरीदाबाद के सेक्टर 58 व 59 के प्लाटों व अन्य सुविधाओं को लेकर एचएसआईआईडीसी व एचएसवीपी के बीच पैदा हुई एक समस्या का समाधान करते हुए मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिए। इस सेक्टर को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम को ट्रांसफर किया गया था। इसके बावजूद यहां की कई सुविधाएं अभी भी एचएसवीपी के पास थी।
कमेटी कन्वीनर को हटाने के निर्देश
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मिथिला नवयुवक संघ की एक शिकायत पर कार्रवाई करते हुए रिकार्ड न देने वालों के खिलाफ नोटिस जारी करने व फिर भी रिकार्ड न देने पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कमेटी के कन्वीनर को तुरंत प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस सोसायटी के लिए डीईटीसी साउथ पुनित शर्मा को तत्काल प्रभाव से संस्था के प्रशासक भी लगाने के निर्देश दिए।

मीटिंग में अपनी शिकायत करती महिला।
सात दिन वापस करनी होगी फीस
इसके साथ ही NIT निवासी मंजू शर्मा की शिकायत पर एशलोन इंस्टीट्यूट के संचालकों को निर्देश दिए कि वह महिला के पुत्र द्वारा जमा करवाई गई फीस सात दिन के अंदर वापिस करे। महिला ने शिकायत की थी कि दाखिले के दौरान यह शर्त थी कि अगर एक माह में किसी अन्य संस्थान में बच्चे का दाखिला हो जाता है तो वह उसकी पूरी फीस लौटा देंगे।
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