पहली रोटी गाय को अभियान को मिल रही है गति

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अनेक स्कूलों ने संस्था के प्रयासों को सराहा

एस• के• मित्तल   
सफीदों,       नगर की सामाजिक संस्था वुमेन एरा फाउंडेशन द्वारा चलाई गई पहली रोटी गाय की मुहिम को निरंतर गति मिल रही है। नगर के लोगों व स्कूल प्रबंधकों के द्वारा संस्था के गौसेवा के क्षेत्र में इन प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की जा रही है। इस मुहिम को  नगर के स्वामी निगमबोध तीर्थ स्कूल व किड्स वैली स्कूल तो पहले ही अंगीकार कर चुके थे कि अब सरस्वती स्कूल व हैलो किडस स्कूल ने भी इस मुहिम को आगे बढ़ाने की अपनी स्वीकृति प्रदान की है। शुक्रवार को इन दोनों स्कूलों में रोटियों के लिए कैटेनर रखे गए।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था की फाऊंडर गीतांजली कंसल ने की तथा बतौर अतिथि स्कूल के सख्चिव सुभाष जैन, सदस्य विपिन गुप्ता, हैलो स्कूल की चेयरपर्सन कविता शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार महाबीर मित्तल, वरिष्ठ पत्रकार प्रवीन मित्तल व समाजसेविका सरोज गोयल ने शिरकत की। अतिथियों ने कैटेनर पर स्वास्तिक का चिन्ह अंकित करके योजना का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि संस्था ने गौसेवा के कार्यों को बल देते हुए यह एक अतुलनीय प्रकल्प शुरू किया है। भारतीय सनातन संस्कृति में गाय को पूजनीय व वंदनीय माना गया है तथा हर घर में पहली रोटी गाय की निकालने का विधान है।
इस विधान में अब स्कूली बच्चे भी जुड़ेगे और अपने-अपने घर से एक-एक रोटी लाकर इस कैटेनर में डालेंगे। इन एकत्रित की गई रोटियों को गौशालाओ में भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि आज आधुनिकता की दौड़ में बच्चे संस्कृति एवं परंपराओं से दूर होते चले जा रहे और वे रोटी के माध्यम से गौसेवा करके संस्कृति से सीधे जुड़ेंगे। उन्होंने कहा कि गाय को माता का दर्जा दिया जाता है और गौ माता की पूजा घर-घर होती है। अब सभी स्कूलों को भी इस मुहिम में जोड़ा जा रहा है ताकि आने वाली पीढिय़ां गौमाता को पूजें। एक गाय में 33 करोड़ देवी-देवता निवास करते हैं।
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