देश में सभी जातियों व समुदायों को बराबरी का अधिकार मिले – ठाकुर महेंद्र सिंह तंवर

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अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की जन जागरण रथयात्रा गांव सिंघाना पहुंची

एस• के • मित्तल   
सफीदों,       अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की जन जागरण रथयात्रा उपमंडल के गांव सिंघाना पहुंची। गांव में पहुंचने पर यात्रा का हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह राणा, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अमरपाल राणा, मार्किट कमेटी के पूर्व चेयरमैन विक्रम राणा, सफीदों पालिका प्रधान प्रतिनिधि संजय अधलखा, स. शेर सिंह रामपुरा, सरपंच सुखबीर राणा मुआना, लोकेश राणा, रविंद्र राणा, देवेंद्र सिंह, सुरेश शास्त्री, राजकुमार शर्मा एवं कुलदीप शास्त्री समेत अनेक गण्यमान्य लोगों ने स्वागत किया।
गांव सिंघाना के महाराणा प्रताप चौंक व शशि चौक पर अमर शहीदों की प्रतिमाओं पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर महेंद्र सिंह तंवर, रथयात्रा के साथ चल रहे महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. ऐपी सिंह, कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष शांतनू चौहान, महासभा की पूर्व सैनिक कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन डा. कुंवर जयपाल सिंह चौहान, अयोध्या पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालमुकुंदाचार्य, आनंदपाल सिंह तोमर, भरत शास्त्री, संत सिंह, महेंद्र सिंह रघुवंशी, मनोहर सिंह चन्देल, रणदीप सिंह आर्य, राजेश सिंह, गीता चौहान ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित करके महान शहीदों को श्रद्धांजलि दी। अपने संबोधन में महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि हम इस रथयात्रा के माध्यम से सर्व समाज व राष्ट्रीय हितों को लेकर चल रहे हैं। हमारा यह आंदोलन किसी एक जाति के लिए नहीं है अपितु हम चाहते हैं कि देश में सभी जाति व समुदायों को बराबरी का अधिकार मिले और वे सभी एकजुट होकर राष्ट्र की प्रगति में अपना योगदान दें।
इस रथयात्रा के माध्यम से हमारी सरकार से मांगे हैं कि सरकार जातिगत आरक्षण को समाप्त करके आर्थिक आधार पर सभी जातियों के लिए समान आरक्षण की व्यवस्था के लिए कानून बनाए, आजकल जो महापुरुषों के इतिहास के साथ छेड़छाड़ हो रही है उसे बंद किया जाए, जो लोग महापुरुषों के नाम को लेकर समाज में द्वेष फैला रहे हैं उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और सामाजिक समरसता के लिए एक माहौल तैयार किया जाए। समाज में फैली जातीय वैमनस्यता किसी भी रूप में राष्ट्रहित में नहीं है। हमें सामाजिक समरसता के मार्ग पर चलना होगा तथा यही संदेश हमारे महापुरुषों ने दिया है।
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