गणेश चतुर्थी को लेकर करनाल में उत्साह: शुभ मुहूर्त दो, सुबह 6 से 9 बीच या फिर 11.05 से दोपहर 1.38, 9 को होगा विसर्जन

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हिंदू धर्म में कोई भी शुभ कार्य करने से पहले भगवान गणेश जी की पूजा अर्चना की जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि यानी आज से देशभर में धूमधाम के साथ भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

गणेश चतुर्थी को लेकर करनाल में उत्साह: शुभ मुहूर्त दो, सुबह 6 से 9 बीच या फिर 11.05 से दोपहर 1.38, 9 को होगा विसर्जन

आज सुबह से मंदिरों व घरों में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना की जा रही है और पूरे 10 दिनों तक बप्पा की विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। मान्यता है कि गणेश चतुर्थी पर गणपति जी की मूर्ति घर में स्थापित करने से सुख-शांति आती है। शुभ-लाभ का वास होता है। कोरोना काल के बाद इस साल बाजारों में गणेश चतुर्थी को लेकर लोगों में काफी उत्साह दिख रहा है। वहीं गणेश चतुर्थी को लेकर जिले भर के मंदिर सजे हुए है।

 

गणेश चुतर्थी को लेकर सजे मंदिर का दृश्य।

गणेश चुतर्थी को लेकर सजे मंदिर का दृश्य।

मान्यता है कि भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणपति जी का जन्म हुआ था। हर साल गणेश उत्सव की शुरुआत गणेश चतुर्थी से होती है। जिसका समापन 10 दिन बाद अनंत चतुर्दशी पर होता है। इस बार गणेश विसर्जन (अनंत चतुर्दशी ) 9 सितंबर को होगा। प्राय: हर घर में बप्पा के आगमन के लिए विशेष सजावट की जाती है। झांकियां बनाई जाती है दस दिन तक भक्तजन विधि विधान से विघ्नहर्ता की पूजा करते है। गणपति जी बुद्धि, विद्या के कारक माने गए हैं।

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गणेश उत्सव को लेकर बाजार में लगी भीड़ का दृश्य।

गणेश उत्सव को लेकर बाजार में लगी भीड़ का दृश्य।

आज ये रहेगा शुभ मुहूर्त

मां कृपा ज्योतिष एवं अनुसंधान केंद्र के पंडित राम भज वत्स ने बताया कि आज गणपति भगवान की मूर्ति स्थापित करने के लिए दो शुभ मुहूर्त है। पहला मुहूर्त सुबह 6 बजे से 9 बजे तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त सुबह 11.05 से दोपहर 1.38 तक है। 10 दिन के इस उत्सव के बाद 9 सितंबर को गणपति विर्जन होगा। इन दोनों मुहूर्त में श्रद्धालु अपने घर पर गणपति भगवान की मूर्ति स्थापित कर सकते है। श्रद्धालु सुबह शाम गणपति भगवान को लड्डू का भोग लगाए। इससे भगवान गणेश जी प्रसन्न होते है।

भगवान गणेश की मूर्तियां बनाता मूर्तिकार।

भगवान गणेश की मूर्तियां बनाता मूर्तिकार।

पहली बार घर ला रहें गणपति तो इन बातों का रखें ध्यान

पंडित राम भज वत्स ने बताया कि अगर कोई श्रद्धालु उन्हें इन बातों को विशेष ध्यान रखना होगा।

– मूर्ति का चुनाव करते समय इस बात का ध्यान रखें कि गणेश जी की सूंड बाईं ओर होनी चाहिए। घर पर स्थापित करने के लिए बाईं ओर सूंड वाले गणपति की मूर्ति शुभ मानी जाती है।

– जगह की अच्छी तरह से साफ सफाई कर लें। साथ ही उस जगह की फूल-मालाओं से सजावट भी करें। इस स्थान पर गंगाजल छिड़क कर शुद्ध कर लें।

– प्लास्टर ऑफ पेरिस या किसी अन्य तरह के केमिकल से बनी मूर्ति को खरीदने से बचें। सफेद मदार की जड़ या फिर मिट्टी से बनी इको फ्रेंडली गणेश जी की प्रतिमा ला सकते हैं। जिसका विसर्जन करना भी आसान होता है।

– भगवान की ऐसी प्रतिमा लें जिसमें गणेश जी बैठे हुए हों।

– सिंदूरी और सफेद रंग की बप्पा की मूर्ति सबसे अच्छी मानी जाती है।

– गणपति को घर लाते समय गाजे-बाजे के साथ शंख भी जरूर बजाएं। शंख बजाकर भगवान का स्वागत करना बहुत ही शुभ माना जाता है।

– चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं। इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को पीले रंग के वस्त्र पहनाएं।

– मूर्ति के पास एक कलश में जल भरकर रखें। कलश को भगवान गणेश की दाईं तरफ रखें और इसके बाद आपने जितने दिनों तक बप्पा की मूर्ति को घर पर स्थापित करने का संकल्प लिया है उतने दिनों तक मूर्ति की पूजा आराधना करें। इसके बाद शीघ्र आने की कामना करते हुए बप्पा की मूर्ति का विसर्जन करें।

 

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