Safidon : सीएम विंडो शिकायत जांच अधिकृत एमीनैंट पर्सन रामदास प्रजापत ने लगाई जांच की गुहार

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कहा – साजिश के तहत पत्र का हवाला देकर किया ठेकदारों को किया 1.04 करोड़ का भुगतान

एस• के• मित्तल
सफीदों,     सफीदों मे विकास बजट के प्रयोग में भ्रष्टाचार की जांच का मामला अब इस कदर गहरा गया है कि सत्ताधारी भाजपा में मुख्यमंत्री की सीएम विंडो में प्राप्त शिकायतों की जांच को अधिकृत भाजपा के एमीनैंट पर्सन ने ही सरकार से विकास कार्यों में हुए गोलमाल की निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है। जांच में बेहद देरी से खफा एमीनैंट पर्सन रामदास प्रजापत ने सफीदों नगर के विकास के लिए आई 35 करोड़ रूपए की ग्रांट में कथित गोलमाल की जांच के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल व निकाय मंत्री डा. कमल गुप्ता को पत्र लिखा है। पत्र में रामदास प्रजापत ने कहा कि हरियाणा सरकार ने सफीदों को चार चांद लगाने के लिए 35 करोड़ रूपए की बड़ी विकास राशी सफीदों पालिका में भेजी थी लेकिन उसमें पालिका अधिकारियों, कर्मचारियों व ठेकदारों ने मिलीभगत करके भारी गोलमाल किया। इस मामले में उन्होंने सफीदों के महाराजा अग्रसैन चौंक पर आमरण अनशन किया था। हरियाणा सरकार की ओर से भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार मोर ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर उन्हे आमरण अनशन से उठाया था। जिस पर 23 जुलाई 2021 को निदेशक शहरी विकास मंत्रालय पंचकुला द्वारा वरिष्ठ अधिकारी अशोक कुमार मीणा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था लेकिन जांच अधिकारी की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है। इसके बावजूद 2 अगस्त 2021 को तत्कालीन नगर पालिका सचिव सौरव जैन का तबादला हेड ऑफिस पंचकुला में कर दिया गया। जबकि जब तक जांच नहीं हो जाती तब तक पालिका सचिव का तबादला नहीं किया जाना चाहिए था। उस समय तात्कालीन निकाय मंत्री अनिल विज ने 35 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की जांच एसआईटी से करवाने की घोषणा की थी लेकिन आज तक भी एसआईटी का गठन नहीं हुआ है। सफीदों प्रशासन द्वारा भी तीन अधिकारियों की जांच कमेटी बनाने की घोषणा की गई थी लेकिन आज तक वह कमेटी गठित नहीं हुई है। रामदास प्रजापत ने कहा कि वे इस मामले में सफीदो के वर्तमान एसडीएम आईएएस डा. आनंद कुमार शर्मा से उनके कार्यालय में मिला था। जिस पर उन्होंने कहा था कि जब तक नगरपालिका में स्थाई सचिव की नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक जांच का कार्य शुरू नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सरकार तो सारे मामले की जांच चाहती है लेकिन इस जांच में अफसरशाही रोड़ा बनी हुई है। उच्चाधिकारी आरोपित अफसरों और कर्मचारियों को बचाने के लिए ऐड़ी चोटी तक का जोर लगा रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि खानसर चौंक पर गिरे स्वागत द्वार, रामसर पार्क के मिट्टी घोटाले, रामसर पार्क के उजाडऩे, पुरानी अनाज मंडी की सौ फीसदी सहीं सड़कों को उखाड़कर दोबारा बनाने, पुरानी अनाज मंडी मे बने दो स्वागत द्वारों की बनावट, भूमिगत नाले-नालियों, सरला कन्या महाविद्यालय के सामने सड़क से 3 फुट ऊंचाई पर बने नाले की तत्काल जांच होनी आवश्यक है अन्यथा जांच के बिना अधिकारियों को पेमैंट की जा रही है और वह दिन दूर नहीं तक अधिकारी सारी पेमैंट को रिलीज कर देंगे। रामदास प्रजापत ने बताया कि पिछले दिनों जिला नगर आयुक्त द्वारा सोची समझी साजिश के तहत सफीदों पालिका के सचिव को जारी नवम्बर माह के एक पत्र के हवाले से 1.04 करोड़ के विकास कार्यों का भुगतान ठेकेदारों को कर दिया गया है। रामदास ने कमल गुप्ता से अनुरोध किया है कि सफीदों नगरपालिका मे विकास कार्यो के नाम पर किए गए घोटाले की जांच कराई जाए और जांच कमेटी मे उन्हें शामिल किया जाए।
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