उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से मुलाकात करते हुए एमबीबीएस छात्र
हरियाणा के रोहतक में MBBS स्टूडेंट की बाँड पॉलिसी के विरोध में चल रही हड़ताल को खत्म करने के लिए प्रशासन व छात्र आमने-सामने आ गए हैं। छात्रों ने भूख हड़ताल कर दी है, वहीं मांग नहीं मानने तक विरोध प्रदर्शन तेज करने की चेतावनी भी दी है। वहीं रेजीडेंट डॉक्टसर एसोसिएशन समर्थन में आ चुकी है। वहीं अन्य संगठनों से भी समर्थन मांगा जा रहा है।
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इधर, रोहतक PGIMS प्रशासन हड़ताल को खत्म करने के लिए सख्ती बरतनी आरंभ कर दी है। पंडित भगवत दयाल शर्मा PGIMS के डायरेक्टर ने ऑर्डर जारी करते हुए कहा है कि सभी छात्र हड़ताल को तुरंत समाप्त करें। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें 24 घंटे मतें होस्टल खाली करना होगा। साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

डायरेक्टर द्वारा जारी किया गया नोटिस
अभिभावकों को भेजी चिट्ठी
MBBS स्टूडेंट ने कहा कि 5 नवंबर को छात्रों को पुलिस और वाटर-कैनन के बल से डराया गया। अब निदेशक द्वारा अभिभावकों को चिट्ठियां भेजी गई। प्रशासन को दिखने लगा है कि छात्रों को सभी ओर से समर्थन मिल रहा है। तो प्रशासन नई कूटनीति के साथ आया है। लेकिन छात्र इसे सफल नहीं होने देंगे।
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MBBS स्टूडेंट को डराने के लिए निर्णय
छात्रों ने कहा कि निदेशक ने एक नोटिस जारी कर धरने पर बैठे सभी MBBS स्टूडेंट को डराने के लिए यह निर्णय लिया है कि यदि छात्र धरने से नहीं उठे तो उन्हें होस्टल से निकाल दिया जाएगा। साथ ही जो 5 नवंबर की रात छात्रों पर बेबुनियाद एफआईआर दर्ज हुई थी, उसको भी खारिज नहीं किया जाएगा।

धरने पर विरोध प्रदर्शन करते हुए एमबीबीएस छात्र
डिप्टी CM से मिले छात्र
बॉन्ड पॉलिसी का विरोध कर रहे MBBS स्टूडेंट के प्रतिनिधिमंडल ने सर्किट हाउस में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से मुलाकात करके अपनी मांग रखी। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने भी उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस संबंध में चिकित्सा विभाग के उच्च अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और इसका समाधान निकालेंगे। मुख्यमंत्री से बात करेंगे। छात्रों का कहना है कि उन्हें एक उम्मीद जगी है कि उनकी मांगे पूरी हो सकती है। लेकिन जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी उनकी हड़ताल इसी तरीके से जारी रहेगी।
सीएम ने कागजी कार्रवाई नहीं करने के दिए थे निर्देश
MBBS स्टूडेंट ने कहा कि दीक्षांत समारोह के वक्त छात्रों की मुख्यमंत्री से मीटिंग हुई थी। उस समय बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे कि छात्रों पर किसी भी प्रकार की कोई कागजी कार्रवाई ना की जाए। लेकिन अब सरकार और कॉलेज प्रशासन इस सबको भूलकर छात्र एकता पर चोट करना चाहते हैं।