शनिदेव जयंती पर विशेष पूजा, हवन और भंडारे का आयोजन

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मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए श्रद्धालुगण
मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए श्रद्धालुगण

सफीदों, (एस• के• मित्तल) : शनिवार को सफीदों के हाट रोड स्थित शनिदेव मंदिर में भगवान शनिदेव जयंती श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने विधि-विधान से भगवान शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना कर उनके समक्ष शीश नवाया और परिवार व समाज की सुख-शांति की कामना की। इस अवसर पर संत श्याम दास महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। इस मौके पर मंदिर परिसर में विशाल हवन का आयोजन किया गया।

हवन करते हुए श्रद्धालुगण
हवन करते हुए श्रद्धालुगण

हवन में समाजसेवी नरेश जैन मुख्य यजमान के रूप में शामिल हुए। वहीं पंडित संजीव गौतम के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने आहुति डालकर अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संत श्याम दास महाराज ने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में भगवान के ध्यान, समाजसेवा और पुण्य कार्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से मनुष्य के कष्ट दूर होते हैं, जबकि बुरे कर्म करने पर न्याय के देवता शनिदेव दंड देते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शनिदेव को क्रूर नहीं, बल्कि दंडाधिकारी और कर्म फलदाता माना जाता है, जो हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। संत श्याम दास महाराज ने बताया कि इस वर्ष शनिदेव जयंती का विशेष महत्व है, क्योंकि यह 13 वर्षों के बाद शनिवार के दिन पड़ी है, जिसे शनिश्चरी अमावस्या का दुर्लभ महासंयोग बना है। इस बार शनि जयंती पर सौभाग्य योग, बुधादित्य योग, गज छाया योग, शोभन योग और भरणी नक्षत्र का अद्भुत संगम भी बन रहा है। यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या अन्य दशाओं से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें सत्य, ईमानदारी, अनुशासन और कमजोर वर्ग की सहायता करने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम के समापन पर मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।