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1950 से चलती आ रही है गांव सिवानामाल की रामलीला
वर्ष 1950 में पंडित देवीदास सैदा ने शुरू किया था धार्मिक एवं ऐतिहासिक रामलीला का मंचन
नहीं नाचते है डांसर, न होता अशलील डांस, मंच से मन्नत मांंगने पर अगले वर्ष तक होती है पूरी
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