पटियाला में वेलोड्रोम ट्रैक पर चयनित खिलाड़ियों का अभ्यास करवाते कोच ओंकर सिंह।
हरियाणा के जिले करनाल के खिलाड़ी आज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना चुके हैं। बावजूद इसके कुछ खेल ऐसे हैं, जिनकी खिलाड़ियों को आज तक सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। सुविधाएं न मिलने के बावजूद भी करनाल जिले की 4 लड़कियों व 1 लड़के का साइक्लिंग नेशनल गेम में चयन होना करनाल के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
प्रदेश सरकार एक तरफ तो खेलों और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए करोड़ रुपए खर्च कर रही है। लेकिन कुछ गेम आज भी ऐसे है जिनके ट्रैक तक हरियाणा में नहीं बने है। हम बात कर रहे है। साइकिल रेसिंग में इस्तेमाल होने वाले वेलोड्रोम ट्रैक की जो CM सिटी करनाल ही नहीं पूरे हरियाणा के किसी भी जिले में आज तक नहीं बना है। मजबूरन खिलाड़ियों को साइक्लिंग में करिअर बनाने के लिए हाईवे की सड़कों का सहारा लेना पड़ता है।
CM सिटी करनाल में वेलोड्रोम ट्रैक नहीं होने के बावजूद साइक्लिंग के नेशनल गेम में 5 खिलाड़ियों का चयन हुआ है। जो इस समय खेल विभाग की तरफ से पंजाब के पटियाला में लगाए गए कैंप में प्रशिक्षक ओंकार सिंह के नेतृत्व में वेलोड्रोम ट्रैक पर अभ्यास कर रहे है। अगर यही सुविधा खिलाड़ियों को उनके शहर में मिले जाए तो सैकड़ों खिलाड़ी आज साइक्लिंग में प्रदेश व देश का नाम रोशन कर चुके होते।
पूरे हरियाणा से 12 लड़के व 12 लड़कियों का हुआ चयन
29 सितंबर से 10 अक्तूबर तक गुजरात में होने वाली इस नेशनल प्रतियोगिता में पूरे हरियाणा से 12 लड़के व 12 लड़कियों का चयन हुआ है। इन 24 खिलाड़ियों में CM सिटी करनाल के 5 खिलाड़ी है। जिनमें 4 लड़कियां व एक लड़का है। ये करनाल के सभी खिलाड़ी कर्ण स्टेडियम में कोच ओंकार सिंह के नेतृत्व में करनाल में सड़कों पर ही अपना अभ्यास करते है। लड़कियों में मुकुल राणा, अंशु देवी, प्रभजोत कौर व रचयिता शामिल है। जबकि लड़को में सुमित कुमार शामिल है। पूरे प्रदेश में वेलोड्रोम ट्रैक न होने के बावजूद भी ट्रैक इंवेट्स में इन खिलाड़ियों का चयन हुआ है।जो की करनाल के लिए एक बड़ी उपलब्धि है
नेशनल प्रतियोगिता में साइक्लिंग के होगें दो इवेंट्स
29 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाली इस नेशनल प्रतियोगिता में साइक्लिंग गेम के दो प्रकार के इवेंट होगें। जिसमें रोड इवेंट व ट्रैक इवेंट शामिल है। साइक्लिंग के ट्रैक इवेंट नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में 1 से 4 अक्टूबर तक आयोजित किए जाएगें। जबकि रोड इवेंट्स 8 व 9 अक्टूबर को गुजरात के गांधीनगर में आयोजित किए जाएगें।
ट्रैक न होने पर कई बार हो चुके हादसे, एक लड़की की हो चुकी मौत
याद रहे कि करीब 6 साल पहले रोड पर साइक्लिंग का अभ्यास कर रही एक लड़की की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उसके बाद कई खिलाड़ी ऐसे है जो अभ्यास के दौरान गंभीर रूप से चोटिल हो चुके है। जिन्होंने जिले में ट्रैक की सुविधा न मिलने पर गेम से मुंह मोड़ लिया। CM सिटी करनाल में आज भी खिलाड़ी भय के माहौल में आम सड़कों से लेकर हाईवे तक पर प्रैक्टिस कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रैक्टिस के दौरान डर बना रहता है कि पीछे से कोई टक्कर न मार दे। कई बार खिलाड़ियों की ओर से वेलोड्रोम बनाने की मांग की जा चुकी है। खिलाड़ियों का कहना है कि जब तक हमें सुविधा ही नहीं मिलेगी तब तक हम कैसे पदक जीत पाएंगे।
कई बार सरकार व मुख्यालय को लिख चुके पत्र
वहीं अगर खेल विभाग के अधिकारियों की माने तो पिछले 7 सालों में जिला खेल विभाग की और से खेल मुख्यालय, खेल मंत्री संदीप सिंह व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को करनाल जिले में वेलोड्रोम ट्रैक बनवाने के लिए पत्र लिखा गया है। वहीं कर्ण स्टेडियम के साइक्लिंग कोच ओंकार व साइक्लिंग के सभी खिलाड़ियों ने दैनिक भास्कर के माध्यम से मुख्यमंत्री से अपील की है करनाल जिले में जल्द से जल्द वेलोड्रोम ट्रैक बनवाया जाए। ताकि जिले के ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी साइक्लिंग में मेडल लाकर जिले व प्रदेश का नाम राशन कर सकें।