डिपो संचालकों ने कहा विभाग के अधिकारियों के आदेश

विभाग द्वारा दिए गए तिरंगे झंडे को दिखाता डिपो हाेल्डर।
राशन के पैसे नहीं, कहां से खरीदें झंडा
राशन डिपो पर विरोध कर रहे राशन कार्डधारकों ने विरोध करते हुए कहा कि वह मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते है। अब घर का राशन खत्म हो गया था। तो सोमवार से राशन मिलना शुरू हुआ। किसी से राशन के पैसे उधार में उठा कर ले आए है। उसके बाद डिपो होल्डर कहता है कि पहले 20 रुपए तिरंगे झंडे के पैसे देने होगें। उसके बाद उन्हें राशन मिलेगा।
गरीबों पर हो रहा अत्याचार
विरोध कर रहे लोगों ने कहा कि एक तरफ तो सरकार गरीबों हितैषी बनने का ढोंग कर रही है। गरीबों को लूटा जा रहा है। सरकार व अधिकारी इस तरह से गरीब लोगों पर अत्याचार कर रहे है। अगर सरकार को हर घर तिरंगा लगवाना है तो गरीब लोगों को तिरंगा भी फ्री में देना चाहिए था।
रविवार को हुआ था मैसेज वायरल
डिपो धारकों द्वारा राशन डिपो पर बिना तिरंगा झंडे खरीदे राशन नहीं मिलने का एक मैसेज रविवार को व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल हुआ। जिसमें डिपो धारक ने लिखा है कि डिपो से जुड़े सभी राशन कार्ड धारक 20 रुपये लेकर डिपो पर झंडा लेने पहुंचे। झंडा न लेने वालों को अगस्त महीने का गेहूं नहीं दिया जाएगा।
जिले में 400 से ज्यादा राशन डिपो
जानकारी के अनुसार जिले में करीब 400 से ज्यादा राशन डिपो हैं। सरकार द्वारा इन सभी को झंडा वितरण केंद्र बनाया गया है।सूत्रों की मानें तो खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से हर डिपो को 168 झंडे बांटने के लिए दिए गए हैं। ये भी उन्होंने 32 सौ देकर खरीदे हैं।
गरीबों पर गलत तरीके से बनाया जा रहा दबाव
सरकार व प्रशासन के इस फैसले का लोगों ने जमकर विरोध किया। लोगों ने यह सरकार व प्रशासन के अधिकारी इस तरह से देश के तिरंगे का अपमान कर रहे है। गरीब लोगों पर झंडा लेने के लिए गलत तरीके से दबाव बनाया जा रहा हैं।
बाजार मिल रहा 5 रुपए का तिरंगा
लोगों ने कहा कि अगर यह तिरंगा हम बाजार से लेने जाए तो यह हमें 5 रुपए में मिल जाता है और डिपो होल्डर व प्रशासनिक अधिकारी तिरंगे झंडे के नाम पर लोगों से मोटे पैसे खा रहे है।
नहीं हो पाया संर्पक
इस मामले को लेकर जब सोमवार देर शाम को खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।