मेरा भविष्य मेरा निर्णय कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

वर्तमान दौर में बच्चों के पास 100 से अधिक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर – डा. अनीता शर्मा

नोडल अधिकारी बच्चों की रूचि का विशेष रूप से ध्यान रखें – एसडीएम डा. आनंद कुमार शर्मा

एस• के• मित्तल
सफीदों, शिक्षा और संस्कृति उत्थान न्यास हरियाणा प्रकोष्ठ तथा मददगार सोसाइटी भिवानी के संयुक्त तत्वाधान में नगर के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक दिवसीय शैक्षिक कार्यशाला-शिक्षक शिक्षा विषय पर मेरा भविष्य मेरा निर्णय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बतौर मुख्यातिथि एसडीएम आईएएस डा. आनंद कुमार शर्मा ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षा कार्यकारी बीईओ दलबीर सिंह मलिक व बीईओ पिल्लूखेड़ा रामनिवास शर्मा ने की। वहीं बतौर मुख्यवक्ता सीबीएससी टे्रनर डा. अनीता शर्मा पहुंची। ब्लॉक नोडल ऑफिसर संजीव पुंडीर ने आए हुए अतिथियों का अभिनंदन किया। इस कार्यशाला में खंड सफीदों तथा पिल्लूखेड़ा के 42 नोडल अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यवक्ता डा. अनीता शर्मा ने सभी नोडल अधिकारियों से कहा कि वे बच्चों की रुचि का विशेष ध्यान रख्खें और उसी के अनुरूप बच्चों की कैरियर काउंसलिंग करें। उन्होंने कहा कि पहले अभिभावकों का मानना था कि उनके बच्चे डाक्टर, इंजीनियर व सीए बन जाए लेकिन आज शिक्षा में बड़ा बदलाव आया है। आज बच्चों के पास आगे बढऩे के बहुत से रास्ते है। आज के दौर में बच्चों के पास 100 से अधिक क्षेत्रों में अवसर है जिनमें बच्चें अपनी रूचि के हिसाब से आगे बढ़ सकते है तथा अच्छा खासा पैसा कमा सकते हैं।
यह भी देखें:-
ऐसा क्या हुआ कि जय श्रीराम के नारे लगाती भीड़ के सामने मुस्लिम लड़की ने लगाए अल्लाह हु अकबर के नारे..
आज के आधुनिक दौर में बच्चे किताबों के साथ-साथ इंटरनेट पर भी तैयारी कर सकते हैं। एसडीएम आईएएस डा. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने कैरियर चुनने में सहायता करने के लिए हर विद्यालय में एक नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है और साथ एक पत्रिका बनाई गई है। नोडल ऑफिसर की सहायता से विद्यार्थी अपने भविष्य की पढाई एवं करियर के बारे में जानकारी ले सकते हैं। मेरा भविष्य मेरा निर्णय बच्चों के भविष्य को लेकर चलाया गया एक ऐसा अभियान है जो भविष्य में बच्चों को रोजगार से जुड़ी हुई समस्याओं से निजात दिलाएगा। उन्होंने नोडल अधिकारियों से आग्रह भी किया कि वे बच्चों की रूचि का विशेष रूप से ख्याल रखें, ताकि उन्हे आने वाले समय में कैरियर को लेकर उनको कोई समस्या ना आए। उन्होंने बताया कि बहुत जल्द भारतीय सेना के अधिकारियों को बुलाकर सफीदों कैरियर काऊंसलिंग शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बच्चे सेना के अधिकारियों से रूबरू होकर उनके सेना के कार्यों के बारे में सिखेंगे।
YouTube पर देखें:-

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!