तनावरहित परीक्षा की तैयारी करने का आनंद ही अलग है: अनिल मलिक

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मनोवैज्ञानिक विधि से परीक्षा का तनाव कम हो विषय पर सेमीनार आयोजित

एस• के• मित्तल
सफीदों,      हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की राज्यस्तरीय महत्वकांक्षी परियोजना बाल सलाह परामर्श एवं कल्याण केंद्र की स्थापना के अंतर्गत सोमवार को गांव बागडू कलां के नेशनल स्कूल के विद्यार्थियों हेतु मनोवैज्ञानिक प्रेरणादाई विधि द्वारा परीक्षा तनाव कम करने के विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। इस सेमीनार को संबोधित करते हुए जिला वरिष्ठ बाल कल्याण अधिकारी एवं राज्य नोडल अधिकारी अनिल मलिक ने कहा कि अगर विधार्थी सही से समझे तो परीक्षा की तैयारी का आनंद ही अलग है। इसलिए हर पल तनाव रहित रुचि अनुसार विषयों का अध्ययन कीजिए क्योंकि अत्यधिक परीक्षा चिंतित छात्र कम चिंता करने वाले साथियों से लगभग 12 प्रतिशत अक कम प्राप्त करते हैं। परीक्षा की चिंता के मुख्य कारणों में माता-पिता का दबाव, अत्यधिक चिंता, अप्रासंगिक विचार, विफलता का डर, विलंब और पिछली परीक्षाओं में खराब प्रदर्शन इत्यादि होते हैं। विधार्थी हमेशा ध्यान रखें कि यथार्थवादी बने रहे यानी के वास्तविकता के करीब रहें, खुद की दूसरों से तुलना ना करें, आपका समय ही आपके अंक हैं जो बेशकीमती हैं। हमेशा याद रखें कि आपके माता-पिता आपके नंबरों से कहीं अधिक आपको चाहते हैं, प्यार करते हैं। घबराना बिल्कुल नहीं है इसलिए समझे कि संसार अवसरों से भरा पड़ा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्कूल की प्रिंसिपल उमा वर्मा ने कहा कि मनोवैज्ञानिक प्रेरणा बच्चों के बेहतर भावनात्मक और बौद्धिक विकास में सहायक सिद्ध हो रही है।

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निरंतर परामर्श सेवाओं से उज्जवल भविष्य की उम्मीद जागी है। परामर्शदाता नीरज कुमार ने कहा कि हर पल परीक्षा है बेहतर तैयारी ही सफलता दिला सकती है। मन में घबराहट नहीं बल्कि समझ के अनुसार आगे बढऩे की जरूरत है। कार्यक्रम अधिकारी मलकीत सिंह ने कहा कि बच्चे बेझिझक, निसंकोच राज्य परिषद की परियोजनाओं का लाभ व परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। इस मौके पर महिपाल चहल व रामप्रकाश शर्मा विशेष रूप से मौजूद थे।
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