जिला में 201 आंगनवाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में किया गया तबदील

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सभी प्ले स्कूलों में प्री स्कूली शिक्षा, मनमोहक पेंटिंग,पीने के स्वच्छ पानी, शौचालय,बच्चों के खेलने का सामान करवाया जाएगा उपलब्ध : उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार

वीरवार को प्ले स्कूलों में बच्चों का दाखिला करवाने के लिए किया गया मेलों का आयोजन, अभिभावकों ने लिया बढचढ कर भाग

 

एस• के• मित्तल
जींद,   उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत जिला में प्रथम चरण में 201 आंगनवाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में तब्दील किया गया है। वीरवार को जिला के सभी आंगनवाडी केन्द्रों /प्ले स्कूलों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों के दाखिले करवाने के लिए स्पेशल मेले आयोजित किये गए। उपायुक्त ने बताया कि सभी बाल विकास अधिकारियों, पर्वेक्षकों और आंगनवाडी कार्यकर्ताओं का प्ले स्कूलों में भूमिका को लेकर प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है।
एक अप्रैल  से सभी प्ले-स्कूलों व आंगनवाडियों में प्री स्कूल शिक्षा को औपचारिक तरीके से शुरू किया जा रहा है। इन प्ले स्कूलों मे बच्चों के लिए मनमोहक पेंटिंग, खेलों का सामान,पीने का स्वच्छ पानी, शौचालय व प्री स्कूली शिक्षा उपलब्ध करवार्ई जाएगी। उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्य 4.2 के तहत वर्ष 2030 तक यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी 3 से 6 वर्ष के लडकियों और लडक़ों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक बाल विकास और प्राथमिक पूर्व शिक्षा सुलभ हो सके, ताकि उनका सर्वांगिण विकास हो सके। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में पूर्व प्राथमिक शिक्षा पर बल दिया गया है। हरियाणा सरकार की पूर्व प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रिणी राज्यों में से एक है।
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उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्कूल रेडीनेस मेले की पूरी मोनिटरिंग की गई और इन मेलों में अभिभावकों के साथ आये 3-6 वर्ष के बच्चों का खेल-खेल में सरल तरीके से आकलन किया गया। बच्चों के रिर्पोट कार्ड बनाए गए। मेले में लगे स्टाल्स में छोटे बच्चों के विकास के क्षेत्रों में संबंधित गतिविधियां करवाई गई, जिनमें विकास के शारीरिक, मानसिक, भाषा,पूर्व गणित और सामाजिक एवं भावनात्मक क्षेत्रों पर प्रकाश डाला गया।
उन्होंने कहा कि इसका मूल उद्देश्य पूर्व प्राथमिक शिक्षा के प्रति अभिभावकों और समुदाय को जागरूक करना है ताकि समाज के सभी वर्गों के बच्चों को निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सके।
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