चैक बाउंस केस में 2 साल की सजा: 2 करोड़ के चेक बाउंस मामले में राइस मिल संचालक देवर-भाभी को 2 साल कैद, 4 करोड़ देने होंगे

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| खाद्य आपूर्ति विभाग के मिलिंग का चावल न लौटाने के बदले 2 करोड़ रुपए के दिए 4 चेक बाउंस होने के मामले में कोर्ट ने डीएफएससी के एक इंस्पेक्टर की पत्नी और मिल संचालक देवर-भाभी को दोषी मान 2 साल कैद की सजा कोर्ट ने सुनाई है।

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साथ ही बाउंस हुए 50-50 लाख के 4 चेक की अमाउंट दोगुनी यानी कुल 4 करोड़ रुपए कंपनसेशन के तौर पर दोनों दोषी को विभाग के पास 3 महीने में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।

3 महीने में राशि जमा न कराने पर दोषियों को 6 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

गौरतलब है कि साल 2017-18 में वीर एग्रो फूड्स राइस मिल को 1 लाख 4 हजार 838 क्विंटल धान सीएमआर के लिए अलॉट हुई थी।

इस राइस मिल को विभाग के ही एक इंस्पेक्टर की पत्नी प्रिया अहलावत व भाई अनिल जांगड़ा बतौर पार्टनर चला रहे थे।

नियमानुसार फरवरी 2018 तक सीएमआर का 70 हजार 241 क्विंटल चावल एफसीआई को लौटाना था। लेकिन उक्त राइस मिल ने 61 हजार 714 क्विंटल चावल लौटाया। यानी 8527.256 क्विंटल सीएमआर का चावल राइस मिल नहीं लौटा पाई।

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वहीं तिरपाल, वुडन करेट्स और टाट-पट्टी समेत कुल 2 करोड़ 99 लाख 33 हजार 877 की राशि उक्त राइस मिल को खाद्य आपूर्ति विभाग की देनदारी थी।

वीर एग्रो फर्म के पार्टनर इंस्पेक्टर की पत्नी व भाई (देवर-भाभी) समेत राइस मिल के खिलाफ खाद्य आपूर्ति विभाग ने एफआईआर दर्ज कराई थी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता राहुल तंवर ने बताया कि सीएमआर का चावल व पैसा न लौटाने पर उक्त आरोपियों प्रिया व अनिल ने 50-50 लाख रुपए के 4 चेक खाद्य आपूर्ति विभाग को दिए थे।

लेकिन खाते में पैसे न होने के कारण चारों चेक बैंक में बाउंस हो गए थे।

 

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