गुरू ब्रह्मानंद ने जीवन पर्यन्त नशाखोरी के खिलाफ अलग जगाई: सांसद संजय भाटिया

93
Advertisement

भारतवर्ष आदिकाल से ऋषि-मुनियों की तपोस्थली रहा है: पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य
सफीदों में धूमधाम से मनाई गई जगद्गुरू स्वामी ब्रह्मानंद जयंती

एस• के• मित्तल      
सफीदों,        सफीदों में रविवार को नगर के गैस एजेंसी रोड स्थित गुरू ब्रह्मानंद आश्रम में जगद्गुरू स्वामी ब्रह्मानंद अवतरण दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर आयोजित समारोह में बतौर मुख्यातिथि करनाल के सांसद संजय भाटिया व विशिष्टातिथि के रूप में पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता आश्रम के संचालक रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने की।
संचालक रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने आए हुए अतिथियों का फूलों की मालाओं व पगड़ी पहनाकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में अतिथियों ने जगद्गुरू स्वामी ब्रह्मानंद को नमन किया। इस मौके पर विशाल यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें विद्वानों के सानिध्य में अतिथियों व अन्य श्रभ्द्धालुओं ने आहुति डाली। इस मौके पर सांसद संजय भाटिया ने आश्रम में 11 लाख रूपए देने की घोषणा की। वहीं पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य ने 31 हजार रूपए नकद दिए। अपने संबोधन में सांसद संजय भाटिया ने कहा कि गुरु ब्रह्मानंद ने हमेशा अपने जीवन को प्रत्येक प्राणी मात्र के कल्याण के परोपकार में लगाया। गुरू ब्रह्मानंद ने जीवन पर्यन्त नशाखोरी के खिलाफ अलग जगाई और हजारों युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि इस संपूर्ण सृष्टि के संचालन में संतों का अहम योगदान है।
गुरु ब्रह्मानंद द्वारा दी गई शिक्षा अनुकरणीय है और उन जैसी महान आत्माएं समाज के उद्धार व विश्व कल्याण के लिए ही जन्म लेती है। अपने संबोधन में पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य ने कहा कि भारतवर्ष आदिकाल से ऋषि-मुनियों की तपोस्थली रहा है। जिनके तपोबल से ही भारत को विश्व गुरु का दर्जा प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को सही दिशा की और ले जाने व भारतीय संस्कृति को बचाए रखने का उत्तरदायित्व भी साधु समाज का है। आर्य ने कहा कि महापुरुषों के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए हरियाणा की मनोहर सरकार लगी है
और महापुरूषों के कार्यक्रम को राज्य स्तर पर मना रही है। इस अवसर पर संचालक रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने मुख्यातिथि सांसद संजय भाटिया व पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में विशाल ऋषि लंगर का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैंकड़ोंं लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
Advertisement