300 एकड़ में नुकसान का अनुमान: नेट हाउस में पैदा की जा रही फसलें बरसात से हुई खराब, जिला बागवानी विभाग ने शुरू किया सर्वे

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बीते सप्ताह बेमौसम हुई तेज बारिश ने नेट हाउस के जरिए महंगी फसल सब्जी और फल पैदा करने वाले किसानों को भी आर्थिक मार दी है। जिले भर में नेट हाउस से जुड़ी 300 एकड़ फसलों के पानी में खराब होने का आंकड़ा बताया जा रहा है। इनमें सबसे ज्यादा 25 एकड़ फसल पाटौदा गांव में है। नेट हाउस से जुड़ी खराब फसलों का सर्वे जिला बागवानी विभाग के द्वारा किया जा रहा है।

 

जिले के गांव पाटौदा में नेट हाउस में टपका विधि से संरक्षित खेती करने वाले किसानों ने बताया कि बरसात एवं जल भराव के कारण खीरे, शिमला मिर्च और टमाटर की फसल पूरी तरह से खराब हो गई है।

300 एकड़ में नुकसान का अनुमान: नेट हाउस में पैदा की जा रही फसलें बरसात से हुई खराब, जिला बागवानी विभाग ने शुरू किया सर्वे

किसानों का लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। किसान गंगाबिसन, कमल ने बताया कि नेट हाउस से जुड़ी फसलों के बीज भी बहुत महंगे आते हैं। इस कारण किसानों को आर्थिक रुप से बहुत नुकसान हुआ है। किसान अशोक, रामोतार, नवीन ने कहा कि बागवानी से जुड़ी फसलों को पहले सरकार द्वारा घोषित फसल बीमा योजना में शामिल नहीं किया गया था।

किसान अपने ही बलबूते पर फसलें उगा रहे थे अब मुख्यमंत्री फसल बीमा योजना में इन फसलों को शामिल कर भी लिया गया है तो उसका पोर्टल अभी शुरू नहीं हुआ है। अगली फसलों को निश्चित तौर पर रजिस्टर्ड किया जाएगा, लेकिन मौजूदा फसलों का जो नुकसान हुआ है उसका जल्द से जल्द सर्वे करके किसानों की आर्थिक रूप से उसकी भरपाई करनी चाहिए।

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बागवानी से जुड़े किसान रंगीन सब्जियों की कर रहे पैदावार

झज्जर में नेट हाउस में यह फसल उगाई जा रही हैं

बागवानी से जुड़े किसान नेट हाउस में रंगीन सब्जियों की पैदावार कर रहे हैं। इनमें शिमला मिर्च, फुल गोभी, बिना बीज का खीरा, बेल वाले टमाटर शामिल हैं। बताया गया कि 1 एकड़ में 10 हजार बीच लगते हैं और एक बीज की कीमत 7 से 8 रुपए है। अमादलपुर, बाढ़सा, झज्जर शहर, गिरधरपुर, कोका, कुलाना, अंबोली, दादानपुर, अहरी गांव में किसान मुख्य तौर पर नेट हाउस बागवानी करते हैं।

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नेट हाउस में पैदा की जा रही क्रॉप के अलावा बरसात के कारण खराब हुई अन्य फसलों का सर्वे भी बागवानी के साथ-साथ विभिन्न विभागों द्वारा किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट अभी आई नहीं है। जहां तक फसल बीमा योजना का सवाल है मुख्यमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत हो गई है। उसका पोर्टल जल्द शुरू हो जाएगा। बाकी नेट हाउस से जुड़े कृषक निजी कंपनियों से भी बीमा करा सकते हैं लेकिन ऐसी सोच रखने वाले किसानों की संख्या काफी कम है।

डॉ. रामस्वरूप पूनिया, जिला बागवानी अधिकारी झज्जर

 

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