एस• के• मित्तल
सफीदों, आज रोहतक-पानीपत-जींद रेलशाखा के सिलाखेड़ी हाल्ट रेलवे स्टेशन पर संतोष नामक एक वृद्ध महिला रेलगाड़ी से उतरते समय प्लेटफार्म व रेल के पायदान के बीच उलझ गई। वह गाड़ी चलाने पर पहिए के नीचे आने की स्थिति में थी कि उसके भाई राममेहर ने कई यात्रियों के सहयोग से किसी तरह से चलती गाड़ी में उसे बाहर खींचकर डिब्बे के अंदर में लिया। सुबह पानीपत से जींद जाने वाली रेलगाड़ी से उसके साथ आई, सिल्लाखेड़ी उतरी महिला कृष्णा ने बताया कि वे पानीपत जिला के सोन्दापुर गांव की हैं।
सफीदों, आज रोहतक-पानीपत-जींद रेलशाखा के सिलाखेड़ी हाल्ट रेलवे स्टेशन पर संतोष नामक एक वृद्ध महिला रेलगाड़ी से उतरते समय प्लेटफार्म व रेल के पायदान के बीच उलझ गई। वह गाड़ी चलाने पर पहिए के नीचे आने की स्थिति में थी कि उसके भाई राममेहर ने कई यात्रियों के सहयोग से किसी तरह से चलती गाड़ी में उसे बाहर खींचकर डिब्बे के अंदर में लिया। सुबह पानीपत से जींद जाने वाली रेलगाड़ी से उसके साथ आई, सिल्लाखेड़ी उतरी महिला कृष्णा ने बताया कि वे पानीपत जिला के सोन्दापुर गांव की हैं।
उसने बताया कि इस रेल से संतोष, वह खुद व संतोष का भाई राममेहर पानीपत से सवार हुए और उन्हें सफीदों स्टेशन पर उतरकर कैथल किसी बीमार रिश्तेदार से मिलने जाना था। उसने बताया कि गलती से सफीदों नहीं उतर पाए तो अगले स्टेशन सिलाखेड़ी पर उतरने लगे। वह तो उतर गई लेकिन उतरते समय संतोष का पांव फिसलने से वह पायदान व प्लेटफार्म के बीच लटक गई जिसे उसके भाई व एक यात्री ने मुश्किल से खींचकर बाहर निकाला और फिर डिब्बे में लिया। इसके बाद अगले स्टेशन बुढ़ाखेड़ा से वह अपने भाई के साथ ऑटो मे बैठकर सफीदों पहुंची।
बता दें कि सिलाखेड़ी हाल्ट का प्लेटफार्म सम्बंधित अधिकारियों की लापरवाही के कारण जौखिमभरा है क्योंकि यह नीचा भी है और पायदान व प्लेटफार्म के बीच गैप है जिसके कारण यात्री पायदान से पैर फिसलने पर ट्रैक में फंसने लगता है।
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