मां जयंती के दरबार में 23 को कन्याओं का होगा महापूजन 37 साल पहले 9 कन्याओं से शुरू हुआ पूजन, पहुंचा 11 हजार तक

7
Advertisement
एस• के• मित्तल 
जींद,  गुप्त नवरात्रों में 37 साल पहले 9 कन्याओं से जो पूजन शुरू हुआ था, वह अब हजारों की तादाद में पहुंच गया हैं। श्रद्धा का यह कारवां इस कद्र फलीभूत हुआ कि जींद के महाभारत कालीन जयंती देवी मंदिर में देश-प्रदेश से श्रद्धालु कन्या पूजन के महा समागम में पहुंचकर अपनी अर्जी लगाते हैं। पिछले वर्ष जहां 11 हजार कन्याओं का पूजन हुआ था, वहीं इस वर्ष भी 11 हजार कन्याओं के पूजन का संकल्प लेकर जो श्रद्धालु निकले है, उसके नतीजन ज्यादा कन्याओं के महापूजन की तस्वीर उभरकर सामने आने लगी है।
इस भव्य कार्यक्रम की व्यवस्था में जुटे प्रमुख श्रद्धालुओं के दावो के लिहाज से मां जयंती के दरबार में 23 फरवरी को करीब 13 हजार कन्याओं का पहुंचना लगभग तय है। कन्याओं को बस में लाने और वापिस छुड़वाने की व्यवस्था को देख रहे सुनील शांडिल्य और सागर कौशिक ने कहा कि जिस तरह से सूची लंबी हो रही है, उसके नतीजन इस बार 13 हजार कन्याएं मंदिर प्रांगण मेें पहुंचकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देगी। मंदिर पुजारी नवीन कुमार शास्त्री ने बताया कि 9 फरवरी से शुरू हुए दुर्गा सप्तशती 108 पाठ एवं सवा लाख नवार्ण मंत्रों का जाप के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हर रोज मंदिर प्रांगण में सैंकड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
23 फरवरी को गुप्त नवरात्रों के समापन और मां जयंती के प्रकटोत्सव पर पूर्णाहुति होगी। भव्य कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए 500 श्रद्धालु वालंटियर के तौर पर अपनी सेवाएं देंगे। मानव कल्याण के लिए गुप्त नवरात्रों के दिनों में 14 दिनों तक चली पूजा-अर्चना के महत्व को देखते हुए हजारों लोग समापन समारोह में पहुंचते हैं। समापन समारोह में जो भंडारा लगेगा, उसमें करीब 16 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान मुख्यातिथि के तौर पर अनेकों संत, महात्मा, समाज सेवी और प्रशासनिक अधिकारी शिरकत करेगें।
Advertisement