गुजरात में मुस्लिमों को पीटने का मामला: SC ने दोषी पुलिसवालों से पूछा- आपको खंभे से बांधकर पीटने का अधिकार किसने दिया; सजा पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता ने दोषी पुलिसवालों की याचिका को स्वीकार किया और अगले आदेश तक सजा पर रोक लगा दी।
गुजरात के खेड़ा में मुस्लिमों को खंभे से बांधकर पीटने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज (23 जनवरी को) सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोषी पुलिसवालों से पूछा की आपको खंभे से बांधकर पीटने का अधिकार किसने दिया। गुजरात हाईकोर्ट ने आपकी 14 दिन की सजा सुनाई है। आप उसका आनंद लें।
दरअसल, अक्टूबर 2022 में मंदिर में गरबा समारोह के दौरान कुछ मुस्लिम युवाओं ने पथराव किया था। इसके बाद पुलिसवालों ने उन्हें हिरासत में लेकर खंभे से बांधा और डंडे से पिटाई की। इस मामले को लेकर मुस्लिम युवाओं ने गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया था। 19 अक्टूबर 2023 को हाईकोर्ट ने पुलिसवालों को दोषी ठहराते हुए 14 दिन की जेल और 2000 रुपए का जुर्माना लगाया था। इसके बाद दोषियों ने सजा पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई।
सुप्रीम कोर्ट में आज जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता ने पहले तो मामले को स्वीकार करने से इनकार किया। लेकिन दोषियों की ओर से पेश हुए वकील ने जब कहा कि इनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पहले से चल रही है, तो पीठ ने मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया और अगले आदेश तक सजा पर रोक लगा दी।

पुलिस ने आरोपियों को उसी गरबास्थल पर ले जाकर मारा, जहां उन्होंने पथराव किया था।
यह घटना मानवता के खिलाफ
19 अक्टूबर 2023 को सजा सुनाते हुए गुजरात हाईकोर्ट ने कहा था कि यह घटना मानवता के खिलाफ है। हाईकोर्ट ने दोषी पुलिसवालों की माफी को भी स्वीकार नहीं किया था। कोर्ट ने कहा था कि पुलिसवालों ने जो किया उससे कानून व्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा है।
घटना में 7 लोग घायल हुए थे
गुजरात के खेड़ा जिले में मुस्लिमों की भीड़ ने 3 अक्टूबर 2022 में एक मंदिर में गरबा कर रहे लोगों पर हमला कर दिया था। इस घटना में 7 लोग घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिसवाले 10 आरोपियों को गांव में लेकर आए और एक-एक कर बिजली के खंभे से बांधकर ग्रामीणों के सामने डंडों से पीटने लगे। उन्हें उसी गरबास्थल पर पीटा गया था, जहां उन्होंने पथराव किया था। इस दौरान गांव वाले भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाते रहे।
150 मुस्लिमों ने किया था पथराव
मामले को लेकर पुलिस ने बताया था कि गांव के मंदिर परिसर में गरबा कर रहे लोगों पर करीब 150 मुस्लिमों ने पथराव किया था। इनके खिलाफ FIR दर्ज कराई गई थी। हमला करने वालों में महिलाएं भी शामिल थीं।मुंबई में सी-ब्रिज अटल सेतु पर कार एक्सिडेंट: गाड़ी डिवाइडर से टकराकर 4 बार पलटी; दूसरी कार के डैश कैम में हादसा रिकॉर्ड हुआ

आरोपियों को मारने के बाद उनसे कहा गया कि वे गांव के लोगों से माफी भी मांगें।
आरोपियों ने हाथ जोड़कर माफी मांगी
घटना के बाद से गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पिटाई के दौरान आरोपी पुलिस के सामने गिड़गिड़ा रहे थे। पुलिस ने उन्हें जनता से माफी मांगने को कहा। इस पर आरोपियों ने वहां मौजूद लोगों से हाथ जोड़कर माफी मांगी।

पत्थर फेंकने वाले आरोपी मंगलवार को पुलिस के सामने गिड़गिड़ाते नजर आए।

पुलिस जब आरोपियों को डंडे मार रही थी, तब गांव के लोग भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगा रहे थे।

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वडोदरा में झगड़ा, 40 लोग गिरफ्तार
3 अक्टूबर को ही वडोदरा में सावली कस्बे की सब्जी मंडी में दो समुदायों के बीच झगड़ा हुआ। इसमें 43 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। झगड़ा धार्मिक ध्वज लगाने को लेकर हुआ था। इसके बाद पत्थरबाजी की गई।
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