हांसी ब्रांच नहर पर बनाए जा रहे पुल की एसडीएम ने की जांच

एसडीएम ने मौके पर निर्माण सामग्री के 3 सैंपल भरे

भ्रष्टाचार को समाप्त करना विजिलेंस कमेटी का उद्देश्य: डा. आनंद कुमार शर्मा

एस• के• मित्तल
सफीदों, उपमण्डल स्तरीय विजिलेंस कमेटी के अध्यक्ष एवं एसडीएम डा. आनंद कुमार शर्मा आईएएस ने हांसी ब्रांच पर सिंचाई विभाग द्वारा पुन: बनवाए जा रहे पुल आरडी 70492 के कार्य की जांच की। इस मौके विजिलेंस कमेटी के सदस्य एक्सईन पुनीत राय, पीडब्ल्यूडी बी एंड आर एसडीओ विजेंद्र बुरा व एसडीओ अजय कटारिया, एसआई अमृत सिंह, सिंचाई विभाग के जेई विक्रम सिंह व बीडीपीओ कार्यालय से असिस्टेंट राजमल सिंह मौजूद रहे। इस मौके पर जिला विजिलेंस कमेटी के सदस्यों ने उपमण्डल स्तरीय कमेटी के अध्यक्ष डा. आनंद कुमार शर्मा की देखरेख में तीन सैम्पल लिए। एसडीएम ने जांच के दौरान मसाला बनाने वाली कंप्यूटरीकृत मशीन फुलौरी का भी बारिकी से निरीक्षण किया तथा मशीन द्वारा मसाला बनवाया। उन्होने इस मसाले के भी तीन सैंपल नमूने के तौर पर भरवाए। उन्होंने ने ईट, सीमेंट और मोरियर के सैंपल लेकर सभी के साइन करवाकर सील किया। एसडीएम ने बताया कि इन सभी को लैबोरेटरी द्वारा चेक करवाया जाएगा। अगर लैब में जांच के दौरान कोई कमी पाई गई तो निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एसडीएम डा. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार जिला व उपमण्डल स्तर पर विजिलेंस कमेटी गठित की गई हैं। सभी विभागाध्यक्ष अपने-अपने विभाग के विजिलेंस अधिकारी है।
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सभी ईमानदारी व निष्ठा से कार्य करें और ऐसी नौबत ना आने दे कि विजिलेंस कमेटी को उनके कार्यालय में दस्तक देना पड़े। अगर कोई अधिकारी अथवा कर्मचारी गलत कार्य करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई लाजमी है। विजिलेंस कमेटी के गठन का उद्देश्य यही है कि भ्रष्टाचार को पूर्णता समाप्त किया जाए। कमेटी के दायरे में न केवल सरकारी विभाग है बल्कि सभी बोर्ड, कारपोरेशन व सोसाइटी भी इसके अधीन आती है। इसके अलावा सरकार के आधार पर कार्य करने वाली निजी संस्थाएं भी इसके दायरे में आती है। उन्होंने बताया कि विजिलेंस कमेटी के द्वारा विकास परियोजनाओं में सामग्री की गुणवत्ता, आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी व कालाबाजारी, फसल खरीद, सीजन के दौरान मंडियों में निरीक्षण व भौतिक सत्यापन, खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन, मिलावट आदि के साथ ही जनहित से संबंधित मामलों की जांच समय-समय पर की जाएगी।
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