Safidon : सीवरेज ओवरफ्लो से हाऊसिंग बोर्ड के लोगों का हुआ जीना मुश्किल कहा – सुशासन में मिल रही समस्याओं की सौगात

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विधायक बंद कमरों में बैठ कर बड़ी-बड़ी हांकने की बजाय धरातल पर करें समस्याओं का समाधान – किताब सिंह भनवाला

एस• के• मित्तल
जींद, हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी सैक्टर-10 के मकान नंबर-324,325,326 के सामने गली में पार्क के साथ बनाया हुआ सीवरेज का मेनहाल पिछले 18 दिनों से ओवरफ्लो होकर गली में गंदा पानी जमा पड़ा हैं। पानी से उठ रही बदबू के कारण स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो चुका हैं। स्थानीय निवासी किताब सिंह भनवाला, इंद्रजीत अरोड़ा, हरपाल ढुल, धनपत शर्मा, वेदप्रकाश गोयल, दिनेश गर्ग ने कहा कि इस समस्या को लेकर बीती 13 जनवरी को संबंधित कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। इसके अलावा विभाग के फ्री टोल नंबर पर ऑनलाईन शिकायत भी दर्ज करवाई गई। इसके बाद 16 व 19 जनवरी को भी ऑनलाईन शिकायत के बारे में याद दिलाया गया, परंतु आज तक समस्या के समाधान को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई और ना ही कोई अधिकारी देखने आया। किताब सिंह भनवाला ने कहा कि घरों के आगे गंदा पानी खड़ा हैं। सुशासन का दावा करने वाली इस सरकार में अधिकारी समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं। सरकार के विधायक होटलों में बैठ कर हवा-हवाई घोषणा तो कर देते हैं, किंतु फिल्ड में जाकर समस्याओं का मुआयना करने में उनको तकलीफ होती हैं। जींद के विधायक डॉ. कृष्ण मिढ़ा बंद कमरों में बैठ कर बड़ी-बड़ी हांकने की बजाय धरातल पर समस्याओं का समाधान करायें। जींद शहर में एक नहीं, अनेकों जगह पर ऐसी समस्याओं से लोग बेहाल हैं।
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भनवाला ने कहा कि पार्क में सैर-सपाटा करना तो दूर की बात उठ रही बदबू के कारण घरों से निकलना भी मुश्किल हैं। पार्क पहले ही सुविधाओं और रख-रखाव के अभाव में खस्ता हालत में पहुंच चुका हैं। उन्होंने कहा कि वर्षा के पानी को गली से पार्क में जाने के लिए एक पाईप दबा रखा है, जो कि पार्क की दीवार तक बाहर ही छोड़ दिया हैं। उसका कनैक्शन अंदर पार्क में नहीं किया गया। जिसका पानी पाईप में रहकर सड़ रहा हैं और कभी ना कभी पाईप को फाड़कर ऊपर भी आ सकता हैं। इसलिए पार्क की संभाल के साथ-साथ ओवरफ्लो हो रहे सीवरेज की समस्या का समाधान भी जरूरी हैं। इन लोगों ने कहा कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो स्थानीय लोग धरना-प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे। इसके लिए संबंधित विभाग और प्रशासन के आला अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
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