सहवाग स्कूल में बच्चे के यौन शोषण केस में खुलासा: बंद थे हॉस्टल के CCTV कैमरे, स्टाफ और बड़ी कक्षाओं के लड़कों से पूछताछ

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हरियाणा के झज्जर स्थित सहवाग इंटरनेशनल स्कूल में 8 साल के बच्चे के यौन शोषण से जुड़े मामले की छानबीन में पता चला है कि वारदात वाले दिन स्कूल और उसके हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद थे। झज्जर के DSP राहुल देव के अनुसार, पुलिस ने केस की जांच के सिलसिले में जब स्कूल मैनेजमेंट से घटना वाले दिन की CCTV फुटेज मांगी तो बताया गया कि स्कूल-हॉस्टल में लगे क्लोज सर्किट (CC) कैमरे बंद पड़े हैं। इस स्कूल के फाउंडर पूर्व इंडियन क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग और चेयरपर्सन उनकी पत्नी आरती हैं।

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झज्जर के DSP राहुल देव ने बताया कि स्कूल मैनेजमेंट और स्टाफ से इस बारे में पूछताछ की जा रही है कि सीसीटीवी कैमरे क्यों बंद थे? साथ ही पुलिस ने वारदात को लेकर स्कूल स्टाफ के कुछ सदस्यों और हॉस्टल में रहने वाले बड़ी कक्षाओं के कुछ लड़कों से भी सवाल-जवाब किए हैं। फिलहाल इस बात को गोपनीय रखा गया है कि बच्चा यौन शोषण करने वाले को पहचानता है या नहीं? और उसका यौन शोषण करने वालों की संख्या एक ही है या फिर ज्यादा।

पुलिस को बयान की कॉपी का इंतजार

पता चला है कि यौन शोषण का शिकार हुए बच्चे के बयान कोर्ट में दर्ज हुए हैं। पुलिस को अभी तक उसके बयान की कॉपी नहीं मिली है। DSP राहुल देव ने कहा कि यह बहुत संगीन मामला है और बच्चे के बयान की कॉपी मिलने के बाद पुलिस की जांच में तेजी आएगी। पुलिस की कई टीमें स्कूल में विभिन्न एंगल से जांच को आगे बढ़ा रही हैं।

पुलिस की जांच को धक्का

क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग के इस स्कूल में मेन एंट्री गेट से लेकर हॉस्टल, स्कूल और गैलरी तक में हर जगह सीसीटीवी लगे हुए हैं। बच्चे के यौन शोषण का केस दर्ज करने के बाद झज्जर पुलिस को उम्मीद थी कि जांच में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से अहम सबूत मिल जाएंगे लेकिन अब पुलिस की ये आस टूट गई है। DSP राहुल देव ने भी कहा कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से गुनहगारों तक पहुंचने में मदद मिल सकती थी। अब पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि स्कूल में लगे CCTV कैमरे 15 अगस्त के पहले से बंद हैं? या फिर इन्हें उसी दिन सोची-समझी प्लानिंग के तहत बंद किया गया? इस बारे में स्कूल स्टाफ से सवाल-जवाब किए जा रहे हैं?

घटना के समय कहां थे स्टाफ मेंबर

झज्जर पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि अगर स्कूल और हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद थे तो फिर यहां मौजूद रहने वाला स्टाफ उस दिन कहां था? डीएसपी राहुल देव ने कहा कि इस केस से जुड़े हर पहलू को खंगाला जा रहा है और हर संदिग्ध से बारीकी से पूछताछ की जा रही है। जरूरत पड़ी तो स्कूल स्टाफ पर भी केस दर्ज किया जा सकता है।

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स्कूल प्रबंधन को देना हाेगा जवाब

सहवाग इंटरनेशनल स्कूल में बच्चे के यौन शोषण की यह घटना 15 अगस्त की रात को हुई। इसका खुलासा तब हुआ जब बच्चे ने अपने पिता को फोन पर इसकी जानकारी दी। उसके बाद बच्चे के पिता ने झज्जर के एसपी वसीम अकरम को इससे जुड़ी शिकायत दी। सवाल ये भी है कि इतने बड़े स्कूल में सीसीटीवी कैमरे बंद कैसे हो गए? क्या यह कैमरे पहले से बंद थे? अगर हां तो स्कूल मैनेजमेंट ने इसका संज्ञान क्यों नहीं लिया?

क्या बच्चे का यौन शोषण करने वाले को कैमरे बंद होने की जानकारी थी? और अगर कैमरे 15 अगस्त की रात को ही सोझी-समझी प्लानिंग के तहत बंद किए गए थे तो कैमरों के कंट्रोल रूम तक किस-किस की पहुंच थी? इस पूरे मामले में स्कूल प्रशासन की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। सहवाग इंटरनेशनल स्कूल डे-बोर्डिंग स्कूल है जहां बच्चे हॉस्टल में ही रहते हैं। स्कूल कैंपस में रहने वाले इन बच्चों की पूरी जिम्मेदारी स्कूल और हॉस्टल प्रबंधन की होती है।

बच्चे की काउंसिलिंग कराएंगे

डीएसपी राहुल देव ने बताया कि सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के एक बच्चे के पेरेंट्स हमारे पास आए थे। उन्होंने बताया कि स्कूल मे उनके बच्चे के साथ गलत हरकत हुई है। इस पर हमने तुरंत एक्शन लेते हुए केस दर्ज किया। बच्चे का मेडिकल कराया गया। अभी रोहतक पीजीआई से सर्जन ऑपिनियन की रिपोर्ट आनी है। उन्होंने बताया कि अभी हमारे पास कोई नाम नहीं आया है। बच्चा अभी भयभीत है। हम उसकी काउंसिलिंग कराएंगे। इसके बाद जो भी नाम आएंगे तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

15 अगस्त की है वारदात

सहवाग इंटरनेशनल स्कूल, जिसके फाउंडर क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग हैं और उनकी पत्नी आरती सहवाग स्कूल की चेयरपर्सन हैं, में बच्चे के साथ यह घिनौनी हरकत 15 अगस्त के दिन हुई है। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने 19 अगस्त को इस बारे में केस दर्ज किया। पीड़ित बच्चा यूपी के हाथरस का रहने वाला है और इसी साल उसने अप्रैल में अच्छे भविष्य के लिए स्कूल में दाखिला लिया था। वारदात के बाद से ही बच्चा सहमा और डरा सा है।

शिकायत को किया अनदेखा

बताया गया है कि बच्चे के यौन शोषण की जानकारी के बाद उसके परिजन स्कूल में पहुंचे थे। यहां स्कूल प्रबंधन से मामले को लेकर बातचीत की। आरोप है कि प्रबंधन ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और इसे झूठा बताया। इसके बाद ही अभिभावक एसपी के पास पहुंचे। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ, यह तो दो बच्चों में पैंसिल चुभाने से हुए विवाद का मामला है। स्कूल को बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि अभी पुलिस की जांच जारी है। जल्द ही मामले से पर्दा उठाने के दावे पुलिस की ओर से किए जा रहे हैं।

 

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