सफीदों में धूमधाम से मनाया उपमंडल स्तरीय 73वां गणतंत्र दिवस

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एसडीएम आईएएस डा आनन्द शर्मा ने राष्ट्रधुन के साथ किया ध्वजारोहण

 

एस• के• मित्तल

सफीदों,    आज 26 जनवरी को 73वां गणतंत्र दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एसडीएम डा. आनन्द कुमार शर्मा आई.ए.एस  ने रामलीला मैदान, नजदीक नागक्षेत्र मंदिर, सफीदों  में  राष्ट्रधुन के साथ ध्वजारोहण किया और आकर्षक परेड की टुकड़ियों की सलामी ली। कार्यक्रम में परेड, मार्च पास्ट, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली टुकड़ियों को मुख्य अतिथि एसडीएम डा. आनन्द कुमार शर्मा आई.ए.एस  ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, समाजसेवियों एवं पत्रकारों को प्रशंसा पत्र देकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में मनोहारी झाकियों का प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों एवं राष्ट्रगान प्रस्तुत करने वाली छात्राओं को भी पुरस्कृत किया।
उपमण्डल स्तरीय 73 वें गणतंत्र दिवस समारोह  26 जनवरी 2022 के अवसर पर  नागरिकों को अपने  सम्बोधन में  एसडीएम डा. आनन्द कुमार शर्मा आई.ए.एस  ने कहा कि  सन 1950 में आज ही के दिन हमारा संविधान लागू हुआ था। इसी संविधान के कारण हम सभी को समान न्याय, स्वतंत्रता एवं समानता का अधिकार मिला। गणतंत्र दिवस के साथ हमारे देशभक्तों के त्याग और बलिदान की एक लंबी गौरवगाथा जुड़ी हुई है। देश को आजादी दिलाने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्रशेखर आजाद और उधम सिंह जैसे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने लम्बा संघर्ष किया। उन्होंने  देश की आजादी के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात शहीदों के साथ-साथ उन जांबाज जवानों को भी सलाम किया, जिन्होंने आजादी के बाद देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा दी। आजादी की लड़ाई में हरियाणा प्रदेश का भी अहम योगदान रहा है। आज भी हरियाणा के नौजवान सेना में भर्ती होना अपनी शान समझते हैं। यही कारण है कि आज भारतीय सेना का हर दसवां जवान हरियाणा से है। देश की सीमाओं की निगहेबानी करने वाले वीर सैनिकों के कारण हमारी यह आजादी सुरक्षित है। आज पूरा देश उनका ऋणी है।उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए हमने युद्ध के दौरान शहीद हुए हरियाणा के सैनिकों और अर्ध-सैनिक बलों के जवानों की अनुग्रह राशि 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। इसी प्रकार, आई.ई.डी. ब्लास्ट में शहीद होने पर भी अनुग्रह राशि 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है।
उन्हाने कहा कि  युद्ध अथवा आतंकवादियों से मुठभेड़ या किसी अन्य घटना के दौरान घायल हुए सैनिकों और अर्ध-सैनिक बलों के जवानों की अनुग्रह राशि निःषक्ता के आधार पर बढ़ाकर 35 लाख रुपये, 25 लाख रुपये और 15 लाख रुपये की गई है। सरकार ने सैनिकों के कल्याण के लिए आठ जिलों में एकीकृत सैनिक सदन बनाने का निर्णय लिया है। इन पर करीब 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। हरियाणा में भी मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में मौजूदा सरकार ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूलमंत्र पर प्रदेश के हर क्षेत्र का समान विकास करवाने के लिए प्रयासरत है। राज्य सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन एवं सुशासन के पथ पर चलते हुए कई अनूठी पहल की है। इनमें युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी, कर्मचारियों का ऑनलाइन तबादला, राशन, पेंशन, वजीफों, सब्सिडी में चल रहे फर्जीवाड़े को बंद करना आदि शामिल है।

 

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ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल बनाने के लिए ‘ग्राम दर्शन पोर्टल’ पर 6197 ग्राम पंचायतों का डिजिटल डाटा उपलब्ध है। ग्रामीणों को उनकी सम्पत्ति का मालिकाना हक देने के लिए गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जा रहा है। इसमें 6309 गांवों को कवर किया जा चुका है।
हरियाणा देश का पहला राज्य है, जहां हैपेटाइटिस-सी व बी की दवाइयां मुफ्त उपलब्ध करवाई जा रही हैं।एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम में हरियाणा को देश में प्रथम स्थान मिला है।हरियाणा ऐसा पहला प्रमुख राज्य बन गया है, जहां प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डी.बी.टी.) के माध्यम से शत-प्रतिशत लाभार्थियों के खाते में सामाजिक सुरक्षा पेंशन भेजी जा रही है।
प्रदेश के सबसे गरीब परिवारों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए ‘मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना‘ चलाई जा रही है। इसके तहत सबसे गरीब परिवारों की पहचान करके उनकी वार्षिक आय कम से कम 1.80 लाख रुपये की जाएगी। इस योजना के तहत अब तक एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले लगभग 1 लाख 49 हजार परिवारों की पहचान की गई है। मार्च, 2022 तक 1 लाख परिवारों के उत्थान का लक्ष्य है।
प्रदेश में बी.पी.एल.परिवारों की वार्षिक आय सीमा 1 लाख 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख 80 हजार रुपये की गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवारों को गरीब कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ मिल सके। ‘मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना‘ के तहत बी.पी.एल. परिवारों को 6 हजार रुपये वार्षिक सहायता दी जा रही है। ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के तहत कोविड महामारी के मद्देनजर मार्च-2022 तक मुफ्त राशन दिया जाएगा।‘प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना’ के तहत रेहड़ी-फड़ी वालों को अपना काम शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये तक का ऋण दिया जा रहा है। ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत गरीबों के लिए 75,000 मकान बनाए गए हैं।

 

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प्रदेश में सभी तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाकर 2500 रुपये मासिक की गई है। इसके अलावा, 60 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों को भी 2750 रुपये मासिक पेंशन दी जा रही है। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह पर शगुन के रूप में ‘मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना’ के तहत 71 हजार रुपये तक की राशि दी जा रही है। स्कूल न जा पाने वाले 18 वर्ष के निःशक्त बच्चों को दी जा रही वित्तीय सहायता बढ़ाकर 1900 रुपये मासिक की गई है।
कोविड-19 महामारी पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। इस महामारी से लड़ने के लिए किए जा रहे टीकाकरण में भारत विश्व में पहले स्थान पर है। हरियाणा में भी युद्ध स्तर पर टीकाकरण किया जा रहा है। अठारह वर्ष से अधिक आयु के शत-प्रतिशत लोगों को पहली डोज और 79 प्रतिशत लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। वहीं, 15 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों का भी टीकाकरण किया जा रहा है।इसके तहत लगभग 8 लाख बच्चों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है। साथ ही, करीब 56 हजार लोगों को बूस्टर डोज भी लगाई जा चुकी है। प्रदेश में सभी कोरोना मरीजों का इलाज व टीकाकरण मुफ्त किया जा रहा है।
राज्य सरकार का प्रयास किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ बीज से बाजार तक हर कदम पर उनकी मदद करने का है।न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 14 फसलों की खरीद करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। किसानों को 72 घंटे के भीतर उनकी फसलों का भुगतान करने की व्यवस्था की गई है। निर्धारित अवधि में भुगतान न होने पर किसानों को 9 प्रतिशत की दर से ब्याज भी दिया जाता है। वर्तमान सरकार ने गन्ने का भाव बढ़ाकर 362 रुपये प्रति क्विंटल किया है, जो देश में सर्वाधिक है।

 

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‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के तहत पात्र लघु और सीमांत किसानों को 6,000 रुपये वार्षिक सहायता दी जा रही है। प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर मुआवजा राशि को बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति एकड़ करने का निर्णय लियाहै।कृषि भूमि के आदान-प्रदान पर किसानों को स्टाम्प शुल्क में छूट दी गई है। बैंकों से किसानों के लेन-देन पर लगने वाली स्टांप फीस 2,000 रुपये से घटाकर 100 रुपये की गई है।
प्रदेश में बाजरे के लिए भी ‘भावांतर भरपाई योजना‘ शुरू की गई है। इसके तहत 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर दिया गया है। बागवानी फसलों के संरक्षित मूल्य निर्धारित करने के लिए चलाई जा रही ‘भावांतर भरपाई योजना’ में 21 बागवानी फसलों को शामिल किया गया है। इस योजना में शामिल सभी बागवानी फसलों को ‘मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना’ में कवर किया गया है।
युवाओं को नौकरी के लिए बार-बार आवेदन करने व फीस भरने से छुटकारा दिलाने के लिए ‘एकल पंजीकरण’ की सुविधा शुरू की गई है। बार-बार प्रतियोगी परीक्षा से निजात दिलाने के लिए ‘कॉमन पात्रता परीक्षा’ का प्रावधान किया गया है।प्रदेश में आउटसोर्सिंग से जुड़ी सरकारी सेवाओं में ठेका प्रथा बंद करने के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम बनाया गया है। प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के विकास के लिए अलग से एम.एस.एम.ई. विभाग का गठन किया गया है।

 

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व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। प्रदेश में 20 साल से अधिक समय से किराए या लीज अथवा लाइसेंस फीस पर चल रही पालिकाओं की दुकानों व मकानों की मलकियत उन पर काबिज दुकानदारों को ही दी है। व्यापारियों के लिए ‘मुख्यमंत्री व्यापारी सामूहिक निजी दुर्घटना बीमा योजना’ और ‘मुख्यमंत्री व्यापारी क्षतिपूर्ति बीमा योजना’ शुरू की हैं। एसडीएम नेआहवान किया कि राष्ट्र-स्वाभिमान के मौके पर हम देश व प्रदेश के नव-निर्माण में अपने पूरे सामर्थ्य से जुट जाने का संकल्प लें ताकि हमारा भारत एक बार फिर वही भारत बन सके, जिसके गौरव और वैभव की कहानियां हम अक्सर सुनते आए हैं। साथ ही हम सब एक बार फिर से राष्ट्र  की एकता व अखंडता को बनाए रखने का संकल्प दोहराया। इस दौरान पूर्व विधायक जसवीर देशवाल, पूर्व विधायक कलीराम पटवारी,नायब तहसीलदार रामपाल शर्मा सफीदों, बीडीपीओ सोमबीर कादयान, बी ई ओ दलबीर सिंह मलिक, बी ई ओ रामनिवास पिल्लूखेड़ा मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन  राष्ट्रगान के साथ समपन्न हुआ।

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