शामलात जमीन को लेकर पाटोदा के ग्रामीण भड़के: झज्जर प्रशासन को चेतावनी- किसी भी कीमत पर जमीन नहीं जाने देंगे

20
Quiz banner
Advertisement

 

 

हरियाणा में झज्जर जिले के गांव पाटोदा में ग्रामीणों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि गांव शामलात जमीन ग्रामीणों की है और वह किसी भी कीमत पर अपनी जमीन को नहीं छोड़ेंगे। इसके लिए उन्हें चाहे कुछ भी करना पड़े।

किसानों ने CM हाउस के बाहर गुजारी रात: आज शाम 5 बजे तक देंगे धरना, सरकार के पुतले का करेंगे दहन, 1 को कुरूक्षेत्र में होगी बैठक

गांव पाटोदा के ग्रामीण गुरुवार को बस स्टैंड पर एकत्रित हुए और सरकार विरोधी नारे लगाए। ग्रामीणों के अनुसार गांव शामलात जमीन वह जमीन है, जिसकी पहले ग्रामीणों के नाम रजिस्ट्री हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि देश आजाद होने से पहले भी वह जमीन उनके नाम थी और उनके पूर्वजों के नाम थी जिस पर वह खेती बाड़ी का काम भी करते हैं। ग्रामीणों ने सरकार को चेतावनी दी कि जमीन उनके नाम नहीं रही तो वह सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

पाटोदा गांव में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ग्रामीण।

पाटोदा गांव में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ग्रामीण।

आपको बता दें कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ओपी धनखड़ जब सरकार में कृषि मंत्री थे तो उन्होंने पाटोदा गांव को गोद लिया था और गांव की सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली थी। वहीं अब ग्रामीणों ने कहा कि गांव में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। विधानसभा में भी गांव श्यामलात जमीन को लेकर विधायकों द्वारा आवाज उठाई जा चुकी है। बादली के विधायक कुलदीप वत्स ने विधानसभा में गांव श्यामलाल की जमीन का मामला उठाया था और कहा था कि सरकार इस मामले में गौर करके गरीब किसानों को उनकी जमीन उनके नाम ही रहने दे इस मामले को लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है।

 

खबरें और भी हैं…

.
फिटबिट सेंस 2, फिटबिट वर्सा 4 और इंस्पायर 3 ईसीजी ऐप के साथ लॉन्च, ब्लूटूथ कॉलिंग: कीमत, स्पेसिफिकेशन, और भी बहुत कुछ

.

Advertisement