यमुनानगर के पंचायत सदस्य ने की सफीदों ग्रामीण विकास में हेराफेरी की शिकायत

162
Advertisement
यमुनानगर के पंचायत सदस्य ने की सफीदों ग्रामीण विकास में हेराफेरी की शिकायत
डीडीपीओ जींद को भेजा नोटिस, कहा- एफआईआर करें दर्ज नहीं तो दायर करेंगे अदालत में इस्तगासा
एस• के• मित्तल
सफीदों, वर्ष 2016 में ग्राम पंचायतें भंग होने पर उनका कामकाज विभागीय अमले के पास होने के दौरान खण्ड सफीदों की 11 ग्राम पंचायतों में ग्रामीण विकास के करीब 9 लाख रुपये के बजट को हेराफेरी कर हड़प लिए जाने के मामले की जांच में आरोपित किए गए 13 कर्मचारियों व अधिकारियों पर आपराधिक मामला दर्ज किए जाने की मांग यमुनानगर से भी उठी है। सफीदों खण्ड के कारखाना गांव के पूर्व सरपंच रणबीर सिंह ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी लेकर इस मामले की शिकायत सीएम विंडो में व अन्य उच्चाधिकारियों को की थी। कूड़ेदानों की खरीद में हुई इन हेरफेरियों को उजागर करके कार्रवाई की मुख्यमंत्री से मांग करने वाले पूर्व सरपंच का कहना है कि सम्बंधित उच्चाधिकारी मामले को रफादफा करने के प्रयास में हैं जबकि पंचायतीराज विभाग के अधीक्षक अभियंता की जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों पर मामला दर्ज करने का आदेश है। इस खंड के गांवों करसिन्धु, रामनगर, मलिकपुर, बागडू कलां, बागडू खुर्द, बडौद, बसीनी, सिंघाना, खरकड़ा, खातला व कुरड़ में 6 वर्ष पहले के कार्यकाल की साढ़े नौ लाख रुपये की हेराफेरी जांच में साबित हुई तो आरोपियों पर मामला दर्ज कराने व उनसे गबन की मूल व 21 प्रतिशत वार्षिक दर की ब्याज राशि वसूलने का आदेश सीएम विंडो से हुआ लेकिन कुछ आरोपियों ने केवल मूल राशि जमा कराकर विभागीय अधिकारियों से सांठगांठ कर ली और ब्याज राशि, जो मूल से भी ज्यादा (14 लाख रुपये) है, जमा नहीं कराई।
यूट्यूब पर यह भी देखें सब्सक्राइब करें और अपने सभी दोस्तों को शेयर करें… सभी खबरों की अपडेट के लिए घंटी जरूर दबाएं…
https://youtu.be/VwYiCTT6nPg
बीडीओ ने पिछले दिनों आरोपियों को एक नोटिस भेजा था। उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में है। अब यमुनानगर जिला के एक पंचायत सदस्य नीरज ने जींद के डीडीपीओ को कार्रवाई का नोटिस भेजकर स्पष्ट किया है कि यदि आरोपियों पर एफआईआर नहीं हुई तो वह कार्रवाई को उत्तरदायी अधिकारियों के खिलाफ भी अदालत में इस्तगासा दायर करेगा। इस मामले में इस खंड में विवाद की अवधि में सेवा दे चुके बीडीओ शंकरलाल गोयल (हाल में डीडीपीओ यमुनानगर), सेवानिवृत बीडीओ धर्मबीर, 9 ग्राम सचिवों व 3 कनिष्ठ अभियंताओं को आरोपी बनाया गया है। डीडीपीओ शंकरलाल गोयल का कहना है कि उनकी कलम से दो गांवों के लिए सही गुणवत्ता के कूड़ेदान न्यूनतम रेट पर खरीदे गए थे, उन पर आरोप निराधार हैं जबकि सेवानिवृत्त बीडीओ धर्मबीर खर्ब का कहना है कि उन्होंने जांच में उनकी तरफ निकाली गई राशि सम्बंधित पंचायतों के खाते में जमा करा दी है और ब्याज भुगतान बारे वह दूसरे आरोपियों से बात करके निर्णय लेंगे।
Advertisement