भाजपा की सरकार बनाने में ओबीसी वर्ग का अहम योगदान: कर्णदेव कंबोज

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एडवोकेट विजयपाल सिंह के संयोजन में मनाई गई महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती

एस• के• मित्तल
सफीदों, नगर की महाराजा शूरसैनी धर्मशाला में महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती समारोह धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय कीर्ति आह्वान कि राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रदेश भाजपा प्रवक्ता एडवोकेट विजयपाल सिंह आहलुवालिया ने किया। इस मौके पर बतौर मुख्यातिथि भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व मंत्री कर्णदेव कंबोज ने शिरकत की।

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वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार मोर विशेष रूप से मौजूद थे। समारोह का शुभारंभ अतिथियों के द्वारा महात्मा ज्योतिबा फुले प्रतीमा पर पुष्पमाला अर्पित करके किया गया। एडवोकेट विजयपाल सिंह ने मुख्यातिथि कर्णदेव कंबोज को पगड़ी व स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया। अपने संबोधन में मुख्यातिथि पूर्व मंत्री कर्णदेव कंबोज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इकलौती ऐसी पार्टी है जो इस देश के संत-महापुरूषों के जयंतियों व पुण्यतिथियों को मना रही है। उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले समतामूलक समाज के संस्थापक थे। महात्मा फुले का आदर्श इस देश में सामाजिक सौहार्द्र का वातावरण निर्मित करने के लिए मानव समाज को प्रेरित करता है। महात्मा फुले व उनकी पत्नी माता सावित्री बाई फुले नेने समाज में फैली अनेक कुरीतियों छूआछूत, सतीप्रथा व पाखंड के खिलाफ आवाज उठाई और समाज में औरतों के लिए स्कूल खोले। अपने संबोधन में कार्यक्रम के संयोजक एडवोकेट विजयपाल सिंह ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ऐसे समाज सुधारक रहे हैं जिन्होंने समाज की कुरीतियों को जड़ से उखाडऩे का काम किया। महिला शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने ऐसे कार्य किए जिनके लिए उन्हे युगों-युगों तक याद रखा जाएगा।

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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कीर्ति आह्वान समिति का उद्देश्य देश के महापुरूषों को मान-सम्मान प्रदान करना है। इस उद्देश्य से समिति के तत्वावधान में देशभर में बड़े-बड़े आयोजन किए गए हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे पथभ्रष्ट ना होकर कड़ी मेहनत करके सफलता प्राप्त करें।

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इससे उनका, परिवार का व समाज का नाम रोशन होगा। इस मौके पर मंंडलाध्यक्ष हरीश शर्मा, बलविंद्र धीमान, रणबीर बिटानी, जसमेर सैनी, रामरती वर्मा, रघुवीर कश्यप, रामकरण कश्यप, राजकुमार जोगी, सरोज सैनी, गीता बिटानी, राजकुमारी सहल, गीता, कृष्णा पांचाल, कविता, विनोद कुमारी, पालाराम यादव, सोहन सिंह, प्रवीन सैनी, रामदयाल गोस्वामी, लाभ सिंह धीमान, सत्यवान जोगी, सुभाष कश्यप, पवन पांचाल, शीशपाल बैरागी, जसवंत जांगड़ा, कर्मबीर सोलंकी व सुनील कुमार सहित काफी तादाद में लोग मौजूद थे।

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