पीएमकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ पंजाब सरकार में व्याप्त अराजकता और अव्यवस्था का जीता जागता उदाहरण – विजयपाल सिंह

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एस• के• मित्तल
सफीदों,   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रास्ता रोकना कोई छोटा विषय नहीं है। यह एक बहुत बड़ी साजिश का एक हिस्सा था और पंजाब की कांग्रेस सरकार ने उसे बहुत हलके में लिया। यह बात भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट विजयपाल सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि पंजाब के लिए हजारों करोड़ की विकास परियोजनाओं को शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पंजाब के दौरे पर थे लेकिन एक घटिया मानसिकता सोच के तहत पंजाब की कांग्रेस सरकार ने उनका मार्ग अवरोध करवाया। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने फोन पर बात करने या इस मामले का समाधान करने से ही अपना पल्ला झाड लिया। पंजाब सरकार ने प्रदर्शनकारियों को प्रधानमंत्री के रास्ते में भेजकर पीएमकी सुरक्षा से समझौता किया गया। जबकि पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी ने एसपीजी को आश्वासन दिया था कि रास्ता पूरी तरह से साफ है। पीएम नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे के दौरान उनकी सुरक्षा के साथ जो खिलवाड़ पंजाब सरकार ने किया वह पंजाब में व्याप्त अराजकता और अव्यवस्था का एक जीता जागता उदाहरण है। कांग्रेस शासित पंजाब की सरकार को देश की जनता से इस बात के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ यह कांग्रेस सरकार की एक साजिश थी।

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प्रधानमंत्री केवल किसी पार्टी का नही बल्कि पूरे देश का होता है लेकिन उन्हे कांग्रेस सरकार ने मौत के मुहाने पर छोड़ दिया। कांग्रेस हाईकमान की कठपुतली बनकर कांग्रेस शासन ने मर्यादाओं को तार-तार करके रख दिया है। यह प्रधानमंत्री की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं है बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा से खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति काबू से बाहर हो चुकी है। पाकिस्तान बॉर्डर से सिर्फ 10 किलोमीटर दूर अगर प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक होती है और प्रदर्शनकारी उनका रास्ता रोक लेते हैं तो फिर राज्य सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है। पंजाब के मोगा में तीन आंतकवादियों को पकड़ा जाना और उनसे हथियार बरामद होना साबित करता है कि पीएम के खिलाफ कोई बड़ी साजिश रखी जा रही थी। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच व दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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