धर्मगढ़ गांव में सड़क निर्माण पर ग्रामीणों ने लगाए घोटाले के आरोप

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कहा – मंजूर सड़क की बजाए दूसरी सड़क का निर्माण पर रहे हैं अधिकारी

एस• के• मित्तल
सफीदों,      उपमंडल के गांव धर्मगढ़ गांव में सड़क निर्माण का मामला गहरा गया है। ग्रामीणों में सड़क निर्माण पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ष 2020 में गांव धर्मगढ़ से डेरा अमरीक सिंह होते हुए ताज पैलेस असंध रोड तक की सड़क निर्माण को मंजूरी थी तथा इसके लिए 60 लाख रूपए की धनराशी प्रदान की थी। इस सड़क के बनने से करीब एक दर्जन गांवों के लोगों को लाभ पहुंचने वाला था लेकिन कुछ अधिकारी इस सही सड़क निर्माण पर पलीता लगाते हुए व नियमों को ताक पर रखते हुए गांव की माईनर के साथ लगती पटरी पर सड़क बना रहे है जिसका ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं है। हालात यह है कि दोनों ही सड़कें अब अधर में लटकी हुई हैं। जिससे ग्रामीणों एवं यहां से गुजरने वाले वाहनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपने वाहनों को गांव की गलियों में से निकालकर अपने गंतव्य की तरफ जाते हैं। जिससे यहां के लोगों को किसी दुर्घटना का अंदेशा हर समय लगा रहता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सड़क के लिए रूपया भेजा था जिसकों सही स्थान पर ना लगाकर गलत स्थान पर व्यय करके उस पैसे को डकारने की तैयारी चल रही है। सरकार का नियम है कि पांच करम से कम रास्ते पर तारकोल की सड़क का निर्माण नहीं किया जा सकता लेकिन माईनर की संकरी पटरी को सड़क का रूप दिया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि यह काम पिछले डेढ़ साल से लटका हुआ है तथा सरकार व प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। वे इस मामले को लेकर  अधिकारियों से अनेक बार मिल चुके है लेकिन स्थिति जस की तस है। इस संबंध में मुख्यमंत्री मनोहर लाल व मंत्रियों के पास अनेकों बार पत्र व्यवहार किया लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। ऊपरी लेवल से कार्रवाई को लेकर कोई आदेश आते हैं तो उन आदेशों को निचले स्तर पर अधिकारी दबाए हुए बैठें है। उन्होंने सरकार से मांग की कि नियमों, कागजों व रिकार्ड में जो रास्ता है उसे बनाया जाए। इसके अलावा इस मामले में बड़े घोटाले की बू आ रही है तथा इस घोटाले की निष्पक्ष एजेंसी से जांच करवाई जाए।
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