कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सचिव ने किया सोहन तीर्थ का दौरा

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तीर्थ के जिर्णोद्वार के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी ग्रांट – मदनमोहन छाबड़ा

एस• के• मित्तल
सफीदों,     कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने उपमंडल के गांव सहारनपुर स्थित ऐतिहासिक सोहन तीर्थ का दौरा किया तथा वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार मोर, तीर्थ के प्रधान रामनिवास, सुरेंद्र राठी, पालेराम राठी, रणबीर, गंगा राम, पूर्व सरपंच महेंद्र, अशोक वर्मा, पूर्व सरपंच रामवीर कश्यप व अनिल सैनी मौजूद थे। इस मौके पर कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड के सख्चिव का गांव की ओर से अभिनंदन किया गया। तीर्थ के प्रधान रामनिवास ने बताया कि इस तीर्थ का ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व है तथा लोगों की इस तीर्थ में काफी आस्था है। जिस पर कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड के सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि हरियाणा सरकार कुरूक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में आने वाले तीर्थ स्थलों के रखरखाव व जिर्णाेद्वार के लिए कृतसंकल्प है। 48 कोस कुरूक्षेत्र में पौराणिक महत्व के नए तीर्थ स्थलों की पहचान की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि महाभारत का युद्ध कुरूक्षेत्र भूमि पर हुआ था। इस समय हरियाणा के पांच जिले कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद और पानीपत इस परिधि में आते हैं।
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इसमें नौ नदियों और सात वनों का जिक्र है। चारों कोणों पर चार यज्ञ हैं। उत्तर पूर्व का कोना रन्तुक यज्ञ है। यह पिपली कुरुक्षेत्र में है। उत्तर पश्चिमी कोने में अरन्तुक यज्ञ है। यह कैथल-पटियाला सीमा पर है। तीसरा दक्षिण पश्चिमी है। यह जींद के पौकरी खेड़ी गांव में है। दक्षिण पूर्वी कोने में पानीपत के सींक गांव में है। इसका नाम मचक्रुक यज्ञ है। इन चारों यज्ञों के बीच की जमीन 48 कोस कुरुक्षेत्र है। उन्होंने बताया कि वे तीर्थ स्थलों का अवलोकन करने के लिए निकले हुए तथा इस सोहन तीर्थ स्थल के जिर्णोद्वार के लिए हरसंभव ग्रांट उपलब्ध करवाई जाएगी।
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