एसडीएम सत्यवान मान ने गौशाला संचालकों के साथ की बैठक

62
Advertisement

सफीदों में फैलते लम्पी स्कीन वायरस के मद्देनजर


एस• के• मित्तल   
सफीदों,        सफीदों में फैलते लम्पी स्कीन वायरस के मद्देनजर एसडीएम सत्यवान मान ने गौशाला संचालकों के साथ बैठक की। बैठक में पशुपालन विभाग के डा. सुशील रोहिल्ला, डा. विकास शर्मा, स्वामी गौरक्षानंद गौशाला के प्रधान पाला राठी, श्री गौशाला के अध्यक्ष शिवचरण कंसल, नंदी गौसेवा धाम के संचालक दीपक चौहान व विहिप के जिलाध्यक्ष अरविंद शर्मा मौजूद थे। बैठक में सत्यवान मान ने गौशाला के संचालकों व पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वायरस की रोकथाम के लिए हर स्तर पर प्रभावी तरीके से मॉनिटरिंग करें व सभी गोशालाओं में प्राथमिकता के आधार पर दवाई का छिडकाव व फोगिंग करवाएं। उन्होंने सभी गौशाला संचालकों से आह्वान किया कि इस बीमारी से गोवंश को बचाने के लिए जरूरी हिदायत बरतें।
एसडीएम ने बैठक के दौरान लम्पी स्किन वायरस की दवा की उपलब्धता व चिकित्सा कर्मियों की स्थिति की जानकारी लेकर इस बीमारी को रोकने के लिए मिशन मोड पर कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। प्रशासन द्वारा दवाईयां, चिकित्सकों तथा एम्बूलेंस सहित अन्य जरूरी आवश्यकताओं के लिए ठोस कदम उठाए गए है। उन्होंने पशुपालन विभाग के चिकित्सालयों में इस बीमारी के लिए जरूरी दवाई व स्पे्र पहुंचाने बारे में भी डॉक्टरों से विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लम्पी स्कीन वायरस खासकर गौवंश में तेजी से फैल रहा है। यह वायरस संक्रमण से ज्यादा फैलता है। उपमंडल की सभी गौशालाओं में दवाई का स्प्रे व फोगिंग करवाने के लिए प्रशासन द्वारा पूर्णत: प्रबंध कर लिए गए है। इसके अलावा पशुओं में विशेष टीकारण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन गौशालाओं के गौवंश में इस बीमारी के लक्षण मिलते है, वहां पर प्राथमिकता के आधार पर गौवंश का ईलाज करने व जरूरी हिदायत बरतने के लिए पशुपालन विभाग के अधिकारियों व चिकित्सकों को निर्देश जारी कर दिए गए है। उन्होंने क्षेत्र में स्थित सभी गौशाला प्रबंधकों को कहा कि जिन गौवंश में लम्पी बीमारी के लक्षण पाए जाते है, उन सभी को अन्य गौवंशों से अलग रखें। इक्कठा चारा न डालें और न ही उनके साथ पानी पीने दे। लम्पी बीमारी से ग्रसित गौवंशों को आईसोलेट रखें और उनका वहीं ईलाज करवाएं।
किसी कारणवस कोई गौवंश मर भी जाता है तो, उसकों कम से कम 8 से 10 फीट गहरा गड्डा खोदकर ही उसे दफनाए, इसके लिए सभी गौशालाओं में जेसीबी व ट्रेक्टरों का प्रबंध कर लिया है। उन्होंने बताया कि जिलाधीश द्वारा जिला में धारा 144 लगाई दी गई है, बाहर से आने वाले चराहों व गवालों के लिए क्षेत्र में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई रास्ते में आवारा पशु मरा दिखाई देता है, तो उसको हिदायतों अनुसार दफनाने का कार्य करें। आवारा पशु में इस बीमारी के लक्षण दिखने पर इसकी जानकारी नजदीकी पशु चिकिसालय में दे। सूचना प्राप्त होने पर तत्काल उस पशु को घर पर ही इलाज मुहैया करवाया जाएगा। इसके अलावा इस बीमारी के खात्मे के लिए समाज के मौजिज वर्ग को भी सहयोग के लिए आगे आना होगा।
एसडीएम ने मृत पशुओं को उठाने वाले वाहनों को भी साफ-सुथरा रखने व उसमें जरूरी दवा का छिडकाव करवाने के भी निर्देश दिये है ताकि मृत पशुओं के संक्रमण से कोई अन्य पशु संक्रमित न हो। उन्होंने मृत पशुओं को उठाने वाले ठेकेदार को भी कहा कि आगामी आदेशों तक मृत पशुओं की खाल न उतारे इससे संक्रमण का खतरा बढ़ता है। जिन घरों में पशु है वह अपने नजदीकी पशु अस्पताल से दवाइयां लेकर छिड़काव करें।
Advertisement