अभिवावकों का बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार होना जरूरी: अनिल मलिक

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स्कूल का वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न

एस• के• मित्तल
सफीदों,    उपमंडल के गांव रामपुरा स्थित बीएसएम स्कूल में वीरवार को वार्षिकोत्सव व पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि जिला वरिष्ठ बाल कल्याण अधिकारी अनिल मलिक ने शिरकत की। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सतपाल जागलान व हलकाध्यक्ष हवा सिंह खैंची ने की। अवसर पर एडवोकेट कपूर सिंह मलिक, भारत विकास परिषद की महिला शाखा प्रमुख नसीम अख्तर, विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष अरविंद शर्मा, यूथ कांग्रेस से सुखा मलिक व राजू राणा भी विशेष रूप से मौजूद थे। इस मौके पर स्कूल के चेयरमैन अरूण खर्ब व डायरेक्टर अनिल खर्ब ने आए हुआ अतिथियों को बुके देकर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतीमा के सम्मुख दीप प्रज्जवलन करके किया गया। इस मौके पर बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करके सभी का मन मोह लिया। वहीं पूरे वर्ष में पढ़ाई व स्कूल की अन्य गतिविधियों में अव्वल आने वाले बच्चों को पुरस्कार व प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में मुख्यातिथि जिला वरिष्ठ बाल कल्याण अधिकारी अनिल मलिक ने कहा कि किशोर बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार होना बेहद जरूरी है। अभिभावक अपने अनुभवों के आधार पर बच्चों को किसी भी परिस्थितियों का सामना करने व शारीरिक व मानसिक बदलावों के लिए सही मार्गदर्शन दें। भावनात्मक लगाव से ही माता-पिता अपने बच्चों को मनोवैज्ञानिक व भावनात्मक तौर पर सशक्त बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें बच्चों का पालन-पोषण के तरीकों में सावधानियां बरतते हुए साधारण ज्ञान को विकसित करना होगा।
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बच्चों की आजादी को सीमित नहीं करना बल्कि बाल्यावस्था से ही उनकी सही व गलत की समझ विकसित करनी होगी। उन्होंने सफल जीवन के लिए करेज, कॉन्फिडेंस, कंसिस्टेंट, कॉन्शियसनेस, कमिटमेंट, क्यूरियोसिटी, केयरफुलनेस के बारे में बताते हुए कहा कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन इन शब्दों का महत्व किस नजरिए से समझता है और अपने जीवन में ढाल लेता है। वर्तमान दौर थोड़ी विषमता, असहजता, व्याकुलता, अनिश्चितता, भरा जरूर है लेकिन सुखद और सकारात्मक पहलू यह है कि समय परिवर्तनशील है व परिस्थितियां बदलती रहती हैं। उन्होंने कहा कि नए शैक्षणिक स्तर की शुरूआत हुई है खुशी की बात है, लेकिन अतिरिक्त सतर्कता, सावधानी और नियमों की अनुपालन सुनिश्चित करें। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
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